चिकित्सा शिक्षा के मंथन से हिंदी पुस्तकों का अमृत निकले इसीलिए बना मंदार – मंत्री सारंग

  • हिंदी प्रकोष्ठ वाररूम मंदार के सदस्यों को दी शुभकामनाएँ

भोपाल

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग गुरुवार को गांधी चिकित्सा महाविद्यालय स्थित चिकित्सा हिंदी प्रकोष्ठ वाररूम 'मंदार' पहुँचे। यहाँ मंत्री सारंग ने हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम निर्माण की सफलता के लिये मंदार के सदस्यों को शुभकामनाएँ दी।

शिक्षा के मंथन से हिंदी का अमृत निकले इसीलिए बना मंदार

मंत्री सारंग ने बताया कि हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम प्रारम्भ करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसे हिंदी प्रकोष्ठ 'मंदार' की टीम ने विगत 6 माह के अथक परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य तक पहुँचाया। उन्होंने बताया कि पुस्तकों के हिन्दी रूपांतरण का कार्य चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में हिन्दी प्रकोष्ठ वाररूम "मंदार" में संबंधित विषयों के प्राध्यापक तथा सह प्राध्यापकों द्वारा किया गया है।

मंत्री सारंग ने कहा कि आगामी चरणों की हिन्दी में मेडिकल के पाठ्यक्रम तैयार किये जाने का कार्य चरणबद्ध रूप से वॉल्यूम आधारित प्रणाली से किया जा रहा है।

क्यों रखा नाम 'मंदार'

समुद्र मंथन के दौरान देवताओं ने मंदार पर्वत को मथनी बनाया था। उसी प्रकार वाररूम मंदार में 97 चिकित्सक की टीम ने प्रचलित अंग्रेजी पुस्तकों का हिंदी रूपांतरण करने के लिये शैक्षणिक मंथन किया, इसलिए हिंदी वाररूम का नाम 'मंदार' रखा गया।

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उल्लेखनीय है कि 16 अक्टूबर को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह भोपाल में लाल परेड ग्राउंड में दोपहर 12 बजे एमबीबीएस प्रथम वर्ष की 3 हिंदी पुस्तकों का विमोचन करेंगे।

 

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