आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। किसान नेताओं के मुताबिक इस कार्रवाई में सात से दस किसान घायल हुए। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया गया। प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।