सीएम शिवराज ने सुबह 7 बजे बैठक बुलाई , खाद वितरण में अनियमितता पर अधिकारियों को निर्देश

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज फिर बड़ी बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज फिर बड़ी बैठक बुलाई। सुबह 7 बजे सीएम हाउस में बैठक आयोजित की गई। जबलपुर संभाग में यूरिया वितरण में मिली शिकायतों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यूरिया वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही यूरिया वितरण की समीक्षा कर मुख्यमंत्री अधिकारीयों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

जबलपुर के अधिकारी भी वीसी के माध्यम से बैठक में जुड़े। सीएम शिवराज ने दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR कर उन्हें गिरफ्तार करने और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर संभाग आयुक्त ने मुख्यमंत्री को बताया कि यूरिया खाद के आवंटन की जिम्मेदारी कृभकों की थी। 25 अगस्त को जबलपुर में 2600 मीट्रिक टन के रैक लगे थे। कृभको को बता दिया गया था कि किस जिले को कितना आवंटन जाना है

जबलपुर आयुक्त ने संभाग के जिलेवार आवंटन की जानकारी दी। वहीँ कृभक निजी परिवहन कर्ताओं द्वारा विभिन्न जिलों में यूरिया की आपूर्ति करता है। परिवहनकर्ता द्वारा 28 से 31 अगस्त के बीच यूरिया परिवहन किया गया है। जबकि इन्हें जो स्थान बताए गए थे, उनके स्थान पर यूरिया निजी स्थानों पर सप्लाई किया गया। वहीँ आयुक्त ने बताया कि खाद्य डाइवर्ट करने पर फर्टिलाइजर मूवमेंट कंट्रोल ऑर्डर का वायलेशन हुआ है। जिसके लिए आरोपियों पर 3ए, 3बी, 3सी एक्ट की धाराओं के अंतर्गत आज ही FIR की जाएगी।

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सीएम शिवराज ने कहा कि हमारे किसानों को खाद से वंचित करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा, जिस समय खाद की आवश्यकता है। उस समय ऐसा होना एक गंभीर अपराध है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। सीएम शिवराज ने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कहीं भी किसानों को खाद की दिक्कत नहीं होना चाहिए।

दरअसल जबलपुर से मंडला डिंडोरी और सिवनी जिले के कोटे का यूरिया अब तक सोसाइटी तक नहीं पहुंचा है। सिवनी-मंडला-डिंडौरी के कोटे का 890 टन यूरिया लापता हो गया है। जानकारी हाल ही में सामने आने के बाद मामले की जांच की गई। वहीं संयुक्त संचालक कृषि केएस नेताम का कहना है कि इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत सामने नहीं आई है।

जानकारी के मुताबिक 25 अगस्त को जबलपुर के कछपुरा माल गोदाम पर यूरिया का रैक खाली हुआ था। जिसके बाद यूरिया को आसपास के जिले तक भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालांकि मंडला डिंडोरी और सिवनी जिले की अनेक सोसाइटी में यूरिया की खेप नहीं पहुंचने के बाद मामला गरमा गया। इस मामले में कृषि और मार्कफेड के अधिकारियों को जानकारी दी गई। जिसके बाद मामले की जांच पड़ताल शुरू की गई है। कृषि विभाग के संयुक्त संचालक केएस नेताम ने सभी उप संचालक कृषि को इस मामले में जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा संबंधित कंपनी और ट्रांसपोर्टर की जानकारी निकाली जा रही है। सीएम हाउस में बैठक आयोजित की गई। जबलपुर संभाग में यूरिया वितरण में मिली शिकायतों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यूरिया वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही यूरिया वितरण की समीक्षा कर मुख्यमंत्री अधिकारीयों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

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