भोपाल में पानी संकट: नलों से सीवेज का पानी निकल रहा

भोपाल नगर निगम के पानी सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे हैं। यूका कारखाने के आसपास की बस्तियों में पानी की जांच कराई गई। इसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। बड़े तालाब से सप्लाई होने वाले पानी के 90 फीसदी सैंपल में सीवेज वाला बैक्टीरिया मिला।

भोपाल में पानी संकट गहरा गया है। नलों से सीवेज का पानी निकल रहा है। यूका कारखाने के आसपास की बस्तियों में पानी की जांच कराई गई। इसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। बड़े तालाब से सप्लाई होने वाले पानी के 90 फीसदी सैंपल में सीवेज वाला बैक्टीरिया मिला। यही नहीं, कोलार सप्लाई के 25 फीसदी सैंपल फेल हो गए हैं। नगर निगम के पानी सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे हैं।

पानी प्रदूषण का संकट

भोपाल में पानी संकट गहरा गया है। नलों से सीवेज का पानी निकल रहा है।

यूका कारखाने के आसपास की बस्तियों में पानी की जांच कराई गई। इसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं।

नगर निगम की जवाबदेही

नगर निगम के पानी सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे हैं।

साल 2018 में नगर निगम ने अदालत में एक हलफनामा दिया था। इसमें सीवेज और पेयजल व्यवस्था सुधारने का वादा किया गया था।

पानी प्रदूषण के कारण

पानी प्रदूषण के कारण कई बीमारियां बढ़ रही हैं।

इनमें टाइफाइड, उल्टी-दस्त, पेट संबंधी संक्रमण और पीलिया शामिल हैं।

  • पानी प्रदूषण के कारण कई बीमारियां बढ़ रही हैं।
  • इनमें टाइफाइड, उल्टी-दस्त, पेट संबंधी संक्रमण और पीलिया शामिल हैं।
  • नगर निगम के पानी सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे हैं।

समाधान की दिशा में

नगर निगम को पानी सप्लाई सिस्टम में सुधार करना होगा।

इसके लिए नगर निगम को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। पानी प्रदूषण के बारे में जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।