भोपाल से लखनऊ के बीच वंदे भारत ट्रेन जल्द, सिर्फ 8 घंटे में होगा सफर

भोपाल और लखनऊ के बीच यात्रियों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। भोपाल रेल मंडल ने वंदे भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे को भेजा था। इस प्रस्ताव को अब सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।

भोपाल और लखनऊ के बीच यात्रियों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। भोपाल रेल मंडल ने वंदे भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे को भेजा था। इस प्रस्ताव को अब सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। सैद्धांतिक मंजूरी का मतलब है कि योजना पर आगे काम शुरू हो सकता है। अब जल्द ही भोपाल को वंदे भारत का नया रैक आवंटित किया जाएगा। इस खबर से दोनों शहरों के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्री खुश हैं। अभी भोपाल से लखनऊ जाने में करीब 12 घंटे लगते हैं। मौजूदा ट्रेनें इतना ही समय लेती हैं। इससे यात्रियों का काफी समय सफर में ही निकल जाता है। वंदे भारत एक्सप्रेस चलने से यह तस्वीर बदल जाएगी।

यात्री अब सिर्फ 8 घंटे में लखनऊ पहुंच सकेंगे। समय की यह बचत यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी। खासकर नौकरीपेशा और कारोबारी यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इस वंदे भारत ट्रेन की एक खास बात भी सामने आई है। यह सिर्फ सिटिंग नहीं, बल्कि स्लीपर सुविधा वाली भी होगी। अभी देश में ज्यादातर वंदे भारत ट्रेनें सिटिंग सुविधा वाली ही हैं। स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें अभी शुरुआती चरण में ही हैं। ऐसे में भोपाल-लखनऊ रूट पर स्लीपर सुविधा मिलना बड़ी बात है। इससे यात्री रात में आराम से सोकर भी यात्रा पूरी कर सकेंगे। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को यह सुविधा खासतौर पर पसंद आएगी।

वंदे भारत ट्रेन चलने से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

भोपाल और लखनऊ के बीच यात्रियों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। भोपाल रेल मंडल ने वंदे भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे को भेजा था। इस प्रस्ताव को अब सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। सैद्धांतिक मंजूरी का मतलब है कि योजना पर आगे काम शुरू हो सकता है। अब जल्द ही भोपाल को वंदे भारत का नया रैक आवंटित किया जाएगा।

इस खबर से दोनों शहरों के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्री खुश हैं। अभी भोपाल से लखनऊ जाने में करीब 12 घंटे लगते हैं। मौजूदा ट्रेनें इतना ही समय लेती हैं। इससे यात्रियों का काफी समय सफर में ही निकल जाता है। वंदे भारत एक्सप्रेस चलने से यह तस्वीर बदल जाएगी। यात्री अब सिर्फ 8 घंटे में लखनऊ पहुंच सकेंगे। समय की यह बचत यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी। खासकर नौकरीपेशा और कारोबारी यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।