भोपाल।
पत्नी और साली की हत्या के मामले में भोपाल की विशेष अदालत ने पूर्व सहायक उपनिरीक्षक (ASI)
योगेश मरावी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोनों हत्याओं के लिए अलग-अलग सजा दी।
साथ ही, प्रतिबंधित चाकू रखने पर तीन साल का सश्रम कारावास भी सुनाया।
दो महिलाओं की हत्या, अदालत ने सुनाई सजा
विशेष न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया।
आरोपी पर दोनों हत्याओं के लिए एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
वहीं, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत एक हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया।
पत्नी पर 56, साली पर 12 वार
अभियोजन के अनुसार, वारदात के दौरान आरोपी ने पत्नी मेघा उइके पर चाकू से करीब 56 वार किए।
इसके बाद उसने साली विनीता पर भी लगभग 12 वार किए।
दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
घर में बंद किया दरवाजा, फिर सुनाई दी चीखें
यह घटना 3 दिसंबर 2024 की है।
मृतक महिलाओं की भांजी आर्या मंडावी ने ऐशबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
उसने बताया कि सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच घर में काम करने वाली सेवंती का फोन आया।
सेवंती के मुताबिक, वह मेघा के घर पहुंची ही थी कि योगेश मरावी चाकू लेकर अंदर घुस आया।
उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
कुछ देर बाद घर से बचाओ-बचाओ की आवाजें आने लगीं।
चीखें सुनकर आर्या अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंची।
हालांकि, घर का मुख्य दरवाजा बंद था।
अंदर जाने पर मेघा और विनीता के शव फर्श पर मिले। दोनों के शरीर पर चाकू के गहरे घाव थे।
CCTV और फोरेंसिक साक्ष्यों ने मजबूत किया मामला
वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान पुलिस ने चाकू, सीसीटीवी फुटेज और एक सुसाइड नोट जब्त किया।
इसके अलावा, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान भी अदालत में पेश किए गए।
इन साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोनों हत्याओं और
प्रतिबंधित चाकू रखने के अपराध में दोषी ठहराया।
मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की।
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भोपाल हत्या मामला (Bhopal Murder Case)
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