एनसीईआरटी के निर्देशानुसार 6वीं से 8वीं तक की पुस्तकों से हटेंगी अप्रासंगिक सामग्री

 भोपाल

मध्यप्रदेश में छटवी से आठवी तक पढ़ने वाले बच्चों को अब स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका बताने वाली हाकिम शेख की कहानी पढ़ने को नहीं मिलेगी। इसी तरह समानता के लिए किस तरह संघर्ष करना है यह अध्याय भी पढ़ने को नहीं मिलेगा। इसके अलावा भेदभाव का पाठ पढ़ाने वाली पाठ्य सामग्री भी पढ़ने को नहीं मिलेगी।

 मध्यप्रदेश के स्कूलों में छटवी से आठवी तक की कक्षाओं के बच्चों की पाठ्यपुस्तकों से कई पाठ्यसामग्री और पाठ हटाए जा रहे है। सामाजिक एवं राजनीतिक विज्ञान एक पुस्तक के अध्याय दो में विविधता और भेदभाव को बढ़ावा देने वाली जानकारी हटाई जा रही है। एनसीईआरटी के निर्देश पर यह तब्दीली की जा रही है। राष्टÑीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने परीक्षण के बाद पाया था कि एक ही कक्षा में अलग-अलग विषयों के अंतर्गत समान पाठ्य सामग्री रखी गई है। एक कक्षा के किसी विषय में उससे निचली कक्षा या उपर की कक्षा में समान पाठ्यसामग्री पाई गई थी। पाठ्यक्रमों के अध्ययन में कठिनाई जा रही थी। विद्यार्थियों के लिए सहज रूप से सुलभ पाठ्यसामग्री होना चाहिए जिसे शिक्षकों के अधिक हस्तक्षेप के बिना वे खुद या सहपाठियों के साथ पारस्परिक रूप से सीख सकें। वर्तमान संदर्भ में अप्रासंगिक सामग्री न हो इसे ध्यान में रखकर कई सामग्री पाठ्यक्रम से हटाई जाएगी।

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गणित में भी होंगे कई बदलाव
गणित की पुस्तक से पूर्णांक, भिन्न एवं दशमलव से जुड़ी जानकारियां हटा दी गई है। त्रिभुजोें की सर्वांगसमता और राशियों की तुलना से जुड़ी जानकारियां भी हटा दी गई है। विज्ञान की पुस्तक से मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरुप जंतुओं द्वारा अनुकूल , पवन, चक्रवात तूफान , मृदाा से जुड़े संपूर्ण अध्याय हटा दिए गए है। शासक और ईमारते अध्याय हटा दिया गया है। हमारा पर्यावरण पुस्तक से मानवीय पर्यावरण बस्तियां , परिवहन और संचार संबंधी संपूर्ण अध्याय हटा दिया गया है। सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन पुस्तक से समानता और मानवीय गरिमा का मूल्य की जानकारी देने वाली जानकारियां हटा दी गई है। स्वास्थ्य में सरकार की भूमिका में हाकिम शेख की कहानी अब बच्चों को पढ़ने को नहीं मिलेगी। समानता के लिए संघर्ष का पाठ पढ़ाता पूरा अध्याय हटा दिया गया है।

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