भोपाल।
दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी सदस्यता खत्म होने और हालिया सजा को राजनीतिक साजिश बताते हुए भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है।
70 करोड़ का ऑफर,मना करने पर धमकी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारती ने दावा किया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने और केस वापस लेने के बदले 70 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि एक केंद्रीय मंत्री के ओएसडी ने दिल्ली में मुलाकात कर यह प्रस्ताव रखा। उन्होंने जब ओएसडी का प्रस्ताव ठुकराया तो उन्हें “इसी केस में निपटाने” की धमकी दी गई।
भारती ने कहा कि मंत्री व उनके ओएसडी के नाम का खुलासा वक्त आने पर करेंगे।
पुरानी रंजिश और केस को बताया साजिश
भारती ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेता ने कहा-हम दोनों के बीच वर्ष 2008 से राजनीतिक और कानूनी विवाद जारी है।उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और हालिया सजा को इसी रंजिश का हिस्सा बताया।
एफडी मामले पर सफाई
जिस एफडी प्रकरण में उन्हें सजा हुई, उसे लेकर भारती का कहना है कि यह बैंक की प्रक्रिया से जुड़ा मामला था। जिसे गलत तरीके से भ्रष्टाचार का रूप दिया गया। उन्होंने जांच और कोर्ट प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
भाजपा का जवाब: आरोप निराधार
इन आरोपों पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मीडिया से कहा -अदालत में मामला साबित होने के बाद कांग्रेस नेता जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने 70 करोड़ के ऑफर के दावे को भी “हास्यास्पद” बताया।
अग्रवाल ने कहा कि भारती के खिलाफ प्रकरण पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में दर्ज हुआ था।
बहरहाल, भारती के इन आरोपों के बाद मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर तूल पकड़ता दिख रहा है। एक ओर भारती ने सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं भाजपा इसे अदालत के फैसले से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रही है।