सिंगरौली: बैंक डकैती में 5 गिरफ्तार, माइंस हादसे में ऑपरेटर की मौत और श्रम निरीक्षक बर्खास्त

मनु कुमार शाह,सिंगरौली।

सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई करोड़ों की डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

सिंगरौली पुलिस ने बिहार STF और पटना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिहार और ओडिशा से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती कांड में 5 आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों में प्रभाकर कुमार, हरभजन और रविनंदन कुमार चंदन शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार ये आरोपी 17 अप्रैल को हुई करीब 15 करोड़ रुपए के जेवरात और 20 लाख नकदी की डकैती के मास्टरमाइंड हैं।

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराए और वारदात के बाद बदमाशों को फरार होने में मदद की।

पुलिस अब रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, जिससे लूटे गए जेवरात और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

रिलायंस माइंस में 200 मीटर गहरी खाई में गिरा डंपर, ऑपरेटर की मौत

सिंगरौली की रिलायंस माइंस में देर रात बड़ा हादसा हो गया। ओवरबर्डन डंपिंग के दौरान 160 टन क्षमता का डंपर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल ऑपरेटर गुरुफान अली की इलाज के दौरान मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डंपर की खराब हालत और ब्रेक सिस्टम को लेकर कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।

नवानगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यदि जांच में कंपनी प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। हादसे के बाद माइंस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों के रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं।

श्रम निरीक्षक नवनीत की सेवा समाप्त

सिंगरौली में पदस्थ श्रम निरीक्षक नवनीत कुमार पाण्डेय की सेवाएं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समाप्त कर दी गईं। शासन ने उनके वेतन और अन्य सरकारी लाभों की रिकवरी के भी आदेश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि उनकी नियुक्ति दिव्यांग कोटे के तहत हुई थी, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसके बाद श्रम आयुक्त इंदौर ने तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया।

नवनीत पाण्डेय इससे पहले रीवा, सीधी और कटनी सहित कई जिलों में पदस्थ रह चुके हैं। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे और श्रम विभाग में हलचल तेज हो गई है।

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