भोपाल(Janprachar.com)। प्रदेश में एक और नया जिला बनाए जाने की चर्चा सरगर्म है। यह है मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील। यदि ऐसा हुआ तो सबलगढ़ मप्र का 57वां जिला होगा। दरअसल,बीजेपी की जनअशीर्वाद यात्रा शुक्रवार को मुरैना जिले की चार विधानसभाओं से गुजरेगी। जिस तरह मुख्यमंत्री इस चुनाव में नए-नए जिले बनाने की घोषणा कर रहे हैं, उससे सबलगढ़ के जिला बनने की उम्मीद भी जाग उठी है।
सबलगढ़ को जिला बनाने के लिए लंबे समय से क्षेत्रीय लोग आंदोलन भी करते आ रहे हैं। इसके अलावा जौरा नगर परिषद के नगर पालिका और कैलारस के बंद पड़े शक्कर मिल के फिर से शुरू होने की आस है।
गुरुवार को जन्माष्टमी के कारण एक दिन के ब्रेक के बाद यात्रा शुक्रवार की सुबह सबलगढ़ से शुरू होगी, जो जिले की चार विधानसभा सबलगढ़, जौरा, सुमावली और मुरैना के कई क्षेत्रों से होकर निकलेगी। शुक्रवार को जन आशीर्वाद यात्रा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा एवं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री सबसे पहले जौरा विधानसभा के कैलारस में सभा को संबोधित करेंगे। जिसमें कैलारस शक्कर मिल को फिर से चालू करने एवं सबलगढ़ को जिला बनाने की घोषणा की उम्मीद जनता कर रही है। कैलारस के बाद जौरा में रथ यात्रा निकलेगी, जौरा को नगर पालिका का दर्जा देने की मांग स्थानीय नेता सीएम से कर रहे हैं।
जौरा के बाद सुमावली विधानसभा के मुंगावली में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम 7 बजे से मुरैना शहर के बैरियर से रोड शो शुरू होगा, जो मुख्य मार्गाें से होते हुए जीवाजीगंज पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री तोमर एवं वीडी शर्मा सभा को संबोधित करेंगे। तो सबलगढ़ होगा 57 वां जिला
मौजूदा साल की ही बात करें तो रीवा जिले में मऊगंज को जिला बनाए जाने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। जबकि मुख्यमंत्री सतना जिले के मैहर,उज्जैन के नागदा व छिंदवाड़ा के पांर्ढुना को जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं। नागदा व मैहर के लिए प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मप्र में जिलों की बात करें तो वर्तमान में मऊगंज सहित 53 जिले हैं। तीन नए जिले बनाया जाना प्रक्रियाधीन हैं,यानी कुल 56 जिले,अब सबलगढ़ भी जिला घोषित हुआ तो यह 57 वां होगा।
चुनाव से पहले बनते रहे हैं नए जिले
** मध्यप्रदेश के गठन के समय जिलों की संख्या 43 थी। इसके बाद सन 1972 में 2 नए जिले भोपाल व राजनांदगांव बनाए गए, जिससे यह संख्या 43 से बढ़कर 45 हो गई। बीते 67 साल के इतिहास में अब तक 6 बार में 25 नए जिले बनाये गए,जिनमे से 16 जिलों को मिलाकर वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ नया राज्य बना। इस प्रकार मध्यप्रदेश में जिलों कि संख्या 61 से घटकर पुनः 45 हो गई थी।
** सन 1998 में 16 नए जिलो का गठन किया गया जिनसे मध्यप्रदेश में कुल जिलों की संख्या 61 हो गई। इनमें से 7 जिले वर्तमान में भी मध्यप्रदेश में ही है।
** सन 2003 में मध्यप्रदेश की प्रथम महिला सीएम उमा भारती के शासनकाल में पुन:3 नए जिले(अनूपपुर, बुरहानपुर, अशोकनगर) बनाए गए जिससे जिलों की संख्या एक बार फिर 48 हो गई।
** 2008 में 2 नए जिले बनाए गए इस समय सीएम शिवराज सिंह चौहान थे। अलीराजपुर (झाबुआ से), सिंगरोली (सीधी से) इसके बाद 16 अगस्त 2013 में एक नया जिला (आगर मालवा शाजापुर से) बनाया गया। जिसके बाद मध्यप्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 51हो गई।
** इसके बाद 1 अक्टूबर 2018 में एक और नया जिला (निवाड़ी) बनाया गया। यह जिला टीकमगढ़ से बनाया गया था। इसके बाद मध्यप्रदेश में कुल जिलों की संख्या 51से बढ़कर 52 हो गई थी।
** इसके उपरान्त सीएम कमलनाथ द्वारा 18 मार्च 2020 को 3 नए जिलों को प्रस्तावित किया गया। उनकी इस घोषणा को वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरा किया।शायद यही वजह है कि मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी मैहर को जिला बनाए जाने पर मुख्यमंत्री शिवराज के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का भी आभार जता रहे हैं।