कांग्रेस की महाचौपाल के दौरान राजधानी में वीवीआईपी मूवमेंट के बीच पुलिस की सख्ती और अनुशासन चर्चा का विषय बन गया।
एक ओर वरिष्ठ अधिकारी का वाहन नियम तोड़ने पर लौटा दिया गया, तो दूसरी ओर एंट्री को लेकर कांग्रेस विधायक और एसीपी के बीच तीखी बहस हो गई।
रांग साइड में घुसी पुलिस अफसर की गाड़ी, जवानों ने लौटाया
मंगलवार दोपहर जब राहुल गांधी का काफिला स्मार्ट सिटी रोड और डिपो चौराहे से होते हुए कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहा था, उसी दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर अवधेश गोस्वामी का वाहन भी निगरानी के लिए पहुंचा।
बताया गया कि चालक गलती से डिपो चौराहे से रांग साइड में घुस गया। मेट्रो बैरिकेडिंग के कारण पहले से संकरे रास्ते पर जाम की स्थिति बनने लगी।
मौके पर तैनात आरक्षकों और प्रधान आरक्षकों ने बिना संकोच वाहन को रुकवाया, पीछे करवाया और वैकल्पिक मार्ग से निकाल दिया। इसके बाद ट्रैफिक सामान्य कराया गया। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत बना कि ड्यूटी के दौरान नियम सबके लिए समान हैं।
एंट्री को लेकर विधायक-एसीपी आमने-सामने
कार्यक्रम स्थल पर एंट्री व्यवस्था को लेकर भी असमंजस बना रहा। राहुल गांधी समेत अन्य वीवीआईपी मेहमानों के लिए डिपो चौराहे की ओर से प्रवेश तय था, जबकि कांग्रेस विधायकों और पूर्व मंत्रियों की एंट्री रंगमहल चौराहे वाले मार्ग से रखी गई थी।
इसी दौरान तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार जब वीवीआईपी मार्ग से प्रवेश करने लगे तो वहां तैनात हबीबगंज एसीपी उमेश तिवारी ने उन्हें रोका। इस पर दोनों के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक ने इसे अपमान बताया तो एसीपी ने जवाब दिया-“सम्मान हमारा भी है।” बाद में अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली।
सख्ती, व्यवस्था और सियासी गर्मी
महाचौपाल के बीच एक ही दिन में दो घटनाओं ने यह संदेश दिया कि वीआईपी कार्यक्रमों में पुलिस व्यवस्था कितनी संवेदनशील होती है।
जहां एक ओर ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती दिखी, वहीं एंट्री प्रोटोकॉल को लेकर सियासी ताप भी नजर आया।