GPF Scam :पौने 4 Kg.सोना,3Kg.चांदी,4 प्लाट,भोपाल में Flate, पकड़ाई तब कहा था – मैं ईमानदार !

उज्जैन । स्थानीय केंद्रीय जेल में 68 कर्मचारियों के GPF की 13-50 करोड़ की भविष्य निधि हड़पने की आरोपी जेल अधीक्षक उषा राज यदि ईमानदार है तो फिर भ्रष्ट किस कहेंगे? अपनी गिरफ्तारी के समय उज्जैन केंद्रीय जेल की पूर्व अधीक्षक उषा राजे ने स्वयं को निर्दोष व ईमानदार बताया था।

उसकी इस ईमानदारी की कलई शुक्रवार को उस वक्त खुल गई। जब उसके बैंक लॉकर्स की तलाशी ली गई। इसमें 3.718 किग्रा.सोने के कैडबरी बिस्किट,3.144किग्रा चांदी के बर्तन,चार भूखंड एवं भोपाल में फ्लैट बुकिंग के लिए अदा 24 लाख रुपए की रसीदें मिलीं।इन्हें देख SIT जांचकर्ताओं की आंखें भी चौंधिया गई।

दरअसल,मामले की जांच कर रही पुलिस उषा राज को आज उस बैंक में लेकर पहुंची,जहां उसका लॉकर व खाता है। गबन के मामले में ये बड़ी रिकवरी बताई जा रही है। इसे साक्ष्य के तौर पर प्रकरण में शामिल किया गया।
पहरेदार ही अब दूसरों की निगरानी में

पुलिस ने इस प्रकरण में अन्य आरोपित जगदीश परमार व कैदियों को ब्लैकमेल करने के आरोपित जेल प्रहरी देवेंद्र चौहान को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया।

जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। अब ये दूसरों की निगरानी में रहेंगे।

जगदीश,इस कांड की सरगना उषा राज(In Photo blue dress) का प्रमुख राजदार रहा है। उषा सागर के एक गरीब परिवार से है,लेकिन जेल अधीक्षक बनते ही वह ​बदमिजाज व अपने ही सहयोगियों को शोषण करने वाली अधिकारी बन गई।

पुलिस ने जगदीश परमार व जेल प्रहरी देवेंद्र चौहान पर गबन कांड के अलावा कैदियों से मारपीट व धमकाकर अवैध वसूली करने का मामला दर्ज किया है। यह प्रकरण इंदौर निवासी दीपक माली की शिकायत पर दर्ज किया गया था। गुरुवार को पुलिस ने देवेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया।

जगदीश व देवेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया था। दोनों को एक दिन के पुलिस रिमांड मिला था। रिमांड खत्म होने पर इन्हें वापस कोर्ट में पेश किया गया जहां से जगदीश को महिदपुर व देवेंद्र को बड़नगर जेल भेजा गया है।

अपने साथियों के हक पर ही डाला डाका
ujjainज्ञात हो कि आरोपित सहायक लेखा अधिकारी रिपुदमनसिंह, धर्मेंद्र लोधी, शैलेंद्रसिंह सिकरवार ने अपने ही साथी 68 कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों से 13.50 करोड़ रुपये निकाल लिए थे।यह कांड जेल अधीक्षक उषा राज के आइडी व पासवर्ड का उपयोग कर किया गया।

इस मामले में पुलिस अब तक जेल अधीक्षक उषा राज, रिपुदमन, शैलेंद्र तथा जगदीश परमार, सटोरिए रोहित चौरसिया, रिंकु मांदरे, हरीश गेहलोत, धर्मेंद्र उफ रामजाने व फूल कारोबारी शुभम कोरी को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं,जेल प्रहरी धर्मेंद्र लोधी, सटोरिया सुशील परमार,पिंटू तोमर,अमित मीणा व ललित मंगेश की तलाश जारी है।

अभियोजन अधिकारी भी एसआइटी में शामिल
गबन कांड की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने एसआइटी गठित की। इसमें उप संचालक अभियोजन डॉ. साकेत व्यास,‎ एडीपीओ नीतेश कृष्णन और उमेशसिंह सेंगर को‎ भी शामिल किया गया।

केस डायरी‎ तैयार करने में अभियोजन पक्ष मजबूत रहे व‎ कोई कमी न रह जाए, इसलिए अब‎ एसआइटी में अभियोजन अधिकारी भी हर‎ पहलू को विधि अनुसार कागजी प्रक्रिया से‎ मजबूत कराएंगे। ‎

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