खरगोन के कसरावद में बवाल: TI के निलंबन की मांग पर अड़े हिंदू संगठन

खरगोन।
खरगोन जिले के कसरावद में एक मामूली बस विवाद ने देखते-ही-देखते कानून-व्यवस्था का रूप ले लिया। पुलिस की कथित एकतरफा कार्रवाई और हल्के बल प्रयोग के विरोध में हिंदू संगठनों ने जय स्तंभ चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। करीब पाँच किलोमीटर लंबा जाम लगने से आम नागरिक और यात्री घंटों परेशान रहे।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बस में हुए छोटे विवाद के बाद पुलिस ने निष्पक्ष जांच के बजाय हिंदू समाज के लोगों के साथ अभद्रता और लाठीचार्ज किया। उनका कहना है कि जब तक कसरावद थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।चक्काजाम के कारण करीब 5 किलोमीटर तक गाड़ियों की लाइन लगी है।

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कहां से शुरू हुआ विवाद

इंदौर से खरगोन आ रही मां शारदा ट्रैवल्स की बस खलघाट के महावीर होटल पर रुकी थी। इसी दौरान एक हिंदू युवक का पैर गलती से मुस्लिम महिला को लग गया। आरोप है कि इस पर तीन युवकों ने युवक के साथ मारपीट कर दी। अन्य यात्रियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया और बस आगे बढ़ गई।

बस अरिहंत नगर के पास पहुंची तो हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उसे रुकवा लिया। दोनों पक्षों में बहस के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बस को कसरावद थाने ले जाया गया।

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थाने के फैसले पर भड़का आक्रोश

प्रदर्शनकारी टीआई के निलंबन की मांग कर रहे हैं।

थाने में बातचीत के बाद टीआई ने बस को आगे ले जाने की अनुमति दे दी। इसी फैसले को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया और थाने के सामने जय स्तंभ चौराहे पर एकत्र होकर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बेवजह अभद्रता और लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर दिया।

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भारी पुलिस बल तैनात, बातचीत जारी

स्थिति को संभालने के लिए आसपास के थानों से करीब 50 पुलिसकर्मी बुलाए गए। मौके पर एसडीओपी श्वेता शुक्ला, महेश्वर, मेनगांव, मंडलेश्वर और खरगोन डीआरपी लाइन के अधिकारी मौजूद हैं। सीनियर अफसर प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं।

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नया सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है-क्या पुलिस की जल्दबाजी ने मामूली विवाद को बड़ा आंदोलन बना दिया, या हालात संभालने में संवाद की कमी रह गई?

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