कैलाश विजयवर्गीय बोले- राहुल को आरती उतारना तक नहीं आता, प्रियंका को प्रत्याशी का नाम नहीं पता

 

इंदौर। कांग्रेस को आभास हो गया है कि वह चुनाव हार रही है। यही वजह है कि दिग्विजय सिंह ईवीएम पर सवाल उठाने लगे हैं। इन्हीं ईवीएम से कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश में चुनाव हुए थे। वहां कांग्रेस ने कोई सवाल नहीं उठाया। कांग्रेस को समझ में आ गया है कि अब उसकी दुकान बंद होने वाली है। यही वजह है कि वह बहाने तलाशने लगी है। राहुल गांधी को तो यह तक नहीं पता कि आरती कैसे उतारते हैं। वे उल्टी आरती उतारने लगते हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी प्रत्याशी के समर्थन में रोड़ शो करती हैं, लेकिन उन्हें प्रत्याशी का नाम तक पता नहीं होता।

यह बात भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को इंदौर में पत्रकारों से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का न विकास पर विश्वास है, न चुनाव आयोग पर। जब कांग्रेस को लगने लगा कि हार हो रही है तो उसके नेता ईवीएम और आयोग पर सवाल उठाने लगे। दिग्विजय सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में ईवीएम से चुनाव नहीं होते। ये दोनों देश भारत से अभी बहुत पीछे हैं।

पाकिस्तान के प्रति कांग्रेस का प्रेम समझ से परे

विजयवर्गीय ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हमारे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और पाकिस्तान में भुखमरी बढ़ी है। इस बात पर विचार करना चाहिए कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ही पाकिस्तान की हालत क्यों बिगड़ी। पाकिस्तान के प्रति कांग्रेस को प्रेम क्यों रहता है, यह समझ के बाहर है।

हलफनामे में राम को काल्पनिक क्यों बताया था?

विजयवर्गीय ने कमल नाथ को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे कह रहे हैं कि राम मंदिर सिर्फ भाजपा का नहीं है बल्कि सबका है। वे उस वक्त कहां गए थे जब 25 वकीलों की टीम सुप्रीम कोर्ट में रामायण को उपन्यास बता रही थी। कांग्रेस की सरकार ने कोर्ट में दिए हलफनामे में राम को काल्पनिक क्यों बताया था। विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस तो चुनावी हिंदू है। उनकी नीयत और नीति ऐसी है कि अब कांग्रेस पर तरस आने लगा है। मीडिया से चर्चा में राष्ट्रीय पैनलिस्ट राकेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता गोविंद मालू, आलोक दुबे, नरेंद्र सलूजा, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी दीपक जैन टीनू उपस्थित थे।

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