कृषि कैबिनेट: भीलटदेव की तलहटी से 26 हजार करोड़ के पैकेज का ऐलान

बड़वानी।

निमाड़ की पहाड़ियों और भीलटदेव मंदिर की तलहटी में सोमवार को सत्ता का अनोखा दृश्य दिखा। आठ एकड़ के गार्डन को अस्थायी मंत्रालय का रूप दिया गया। यहीं , प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट ने अहम फैसलों पर मुहर लगाई।

डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में करीब 25 मंत्री शामिल हुए, हालांकि कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल मौजूद नहीं रहे।

यह प्रदेश सरकार की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट थी, लेकिन पहली बार एजेंडा पूरी तरह खेती-किसानी और जनजातीय अंचल पर केंद्रित रहा।

बैठक में मालवा-निमाड़ के मुद्दों पर विशेष चर्चा की गई। इनमें खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और अलीराजपुर जिले शामिल हैं

मंदिर से मंत्रणा तक , भगोरिया हाट में भी  हुए शामिल

बैठक से पहले मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल ने शिखरधाम पहुंचकर बाबा भीलटदेव के दर्शन किए। इसके बाद कृषि और विकास पर मंथन शुरू हुआ।

 मुख्यमंत्री बैठक के बाद जुलवानिया के भगोरिया हाट में भी शामिल हुए। इस दौरान जनजातीय वर्ग के लोक कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। जिससे आयोजन को सांस्कृतिक और राजनीतिक दोनों आयाम मिले।

25,678 करोड़ का कृषि पैकेज

किसानों के कल्याण के लिए छह विभागों की 16 योजनाओं पर निर्णय लिए गए, जिनसे सरकार पर 25,678 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं—

बड़वानी में वरला और पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी

– सरसों को भावांतर योजना में शामिल करना

– उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस

-बड़वानी में आधुनिक कृषि उपज मंडी और खेतिया मंडी को आदर्श मंडी का दर्जा

-नई मत्स्य पालन नीति: कोल्ड चेन, रेफ्रिजरेटेड वैन, फीड प्लांट पर सब्सिडी

-महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर विषय शुरू करने की तैयारी

-भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना

-साथ ही नेशनल शूटिंग चैंपियन वैष्णवी माहुले के पिता को शूटिंग अकादमी के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा भी की गई।

2026: किसान कल्याण वर्ष

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। उनके अनुसार, कृषि कैबिनेट किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान, युवा और गरीब वर्ग के कल्याण की योजनाओं को गति दी जा रही है।

‘फूड बास्केट’ पर फोकस

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को दलहन-तिलहन उत्पादन के मामले में देश का बड़ा “फूड बास्केट” बताते हुए कहा कि लक्ष्य कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में राज्य को अग्रणी बनाए रखना है।

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