काशी मॉडल से सजेगा सिंहस्थ 2028: सीएम मोहन का मिशन ‘सुगम दर्शन’, यूपी से 7 बड़े समझौते

वाराणसी।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने काशी विश्ववनाथ मंदिर में दर्शन किए।

उन्होंने वहां के क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम का गहन अध्ययन भी किया।

करीब एक घंटे तक SOP समझने के बाद उन्होंने साफ कहा कि इसी मॉडल को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और सिंहस्थ में लागू किया जाएगा।

सीएम यादव का आत्मीय स्वागत

वाराणसी पहुंचने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सीएम डॉ यादव का आत्मीय स्वागत किया। वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें शॉल पहनाए। इस दौरान मुख्यमंत्री के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने नारे भी लगाए।

‘सुगम दर्शन’ पर फोकस, भीड़ बंटवारे की रणनीति

काशी में 115 विग्रह और रुद्राभिषेक जैसी व्यवस्थाओं से भीड़ को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है। यही सिस्टम उज्जैन में लागू कर श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत देने की योजना है।

यूपी-एमपी के बीच 7 अहम MoU

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उप्र व मप्र के बीच पर्यटन, उद्योग और धार्मिक विकास को लेकर 7 महत्वपूर्ण समझौते भी हुए।

इनमें प्रमुख फोकस रहा—

1- ODOP (One District One Product)

धार्मिक पर्यटन सर्किट (वाराणसी-उज्जैन-चित्रकूट)

2-MSME और GI टैग उत्पादों को बढ़ावा

सिंहस्थ 2028 की बड़ी तैयारी

3.  2028 में सिंहस्थ कुंभ मेला को ध्यान में रखते हुए यह पूरा दौरा किया गया। करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए काशी मॉडल को आधार बनाया जा रहा है।

4- रोजगार और निवेश पर जोर

सीएम मोहन यादव ने कहा कि दोनों राज्य मिलकर ऐसा मॉडल तैयार करेंगे जिससे युवाओं को रोजगार, किसानों को फायदा और उद्योगों को गति मिले।

साथ ही 2000 मेगावाट की सोलर परियोजना और जल प्रबंधन योजनाओं पर भी संयुक्त काम हो रहा है।

संस्कृति और विरासत को भी बढ़ावा

काशी में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य का मंचन (3-5 अप्रैल) होगा, जिसमें 400 कलाकार भाग लेंगे। दोनों राज्य अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत को भी नए रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।

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