आर्थिक सर्वेक्षण : 16.34% बढ़ी मप्र की विकास दर

भोपाल। राज्य विधानसभा बजट सत्र के दूसरे ​दिन सदन में वर्ष 2021—22 पर आधारित मप्र की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, आर्थिक सर्वेक्षण में जो तथ्य आए हैं, वो सिद्ध करते हैं कि MP की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। राज्य के बजट का आधार और कर संग्रहण बढ़ता जा रहा है। MP की विकास दर में 16.34% की बढ़ोतरी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा, 2002 में प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद 71594 करोड़ से बढ़कर 1322000 करोड़ हो गया है। पर कैपिटा इनकम 2002 में 11718 रुपए थी। 2022-23 में बढ़कर 140500 रुपए पर कैपिटा इनकम हुई है। सरकार पर लगातार कर्ज लेने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन आंकड़ों के हिसाब से पहले 39.5% कर्ज लिया जाता था। 2021 – 2022 में कर्ज प्रतिशत घटकर 22.6 हो गया है। रॉयल्टी सेक्टर में भी विस्तार हुआ है। 13.4% किसानों को MSME को 30.22% ऋण दिया गया है। 521 करोड़ से ज्यादा का ऋण स्ट्रीट वेंडर्स को दिया जा चुका है।

विपक्ष लाएगा कटौती प्रस्ताव

राज्यपाल के कल हुए अभिभाषण पर भी चर्चा हो रही है। विपक्ष आज सदन में कटौती प्रस्ताव लाएगा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कटौती प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, सरकार ने राज्यपाल से जाे भाषण दिलवाया, उसमें असफल योजनाओं का सफलतापूर्वक व्याख्यान किया गया। 2007 से 2023 तक साढे़ 13 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों का उल्लेख किया, लेकिन केवल 3 लाख करोड़ का निवेश अब तक मप्र की सरकार ने विधानसभा में जवाब में बताया है। राज्यपाल से शिवराज सरकार ने झूठी वाहवाही कराई है। सीधी बस दुर्घटना के संबंध में हमारे साथियों ने ध्यानाकर्षण लगाए हैं। उन पर चर्चा कराने के लिए अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है।

राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर ‘रार’

राज्यपाल के अभिभाषण पर कांग्रेस विधायक कमलेश्वर पटेल ने कहा- वे बहुत सीधे और सरल व्यक्ति हैं। आदिवासी वर्ग से आते हैं। सरकार ने उनसे जिस तरह से स्तुतिगान कराया है, ये उनका अपमान है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा चल रही है। 1-2 अधिकारियों को छोड़कर बाकी कोई अधिकारी मौजूद नहीं, यही बताता है कि सरका र कितनी गंभीर है। पटेल ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा, प्रदेश के ज्यादातर स्कूल बंद होने की स्थिति में हैं। कई स्कूल शिक्षक विहीन हैं। आगे कहा, हमारे साथी (जीतू पटवारी) को हल लेकर विधानसभा में नहीं आने दिया गया, उधर मुख्यमंत्री धारदार हथियार लेकर हेलीकॉप्टर में जाते हैं।

‘विंध्य की उपेक्षा इससे पहले कभी नहीं हुई’

कमलेश्वर पटेल ने कहा, हमारे विंध्य की उपेक्षा इससे पहले कभी नहीं हुई। एक भी मंत्री नहीं बनाया। राजेन्द्र शुक्ला, केदारनाथ शुक्ला को मंत्री तक नहीं बनाया। यशपाल सिंह सिसोदिया, जो सरकार का स्तुतिगान करने से थकते नहीं हैं, उनको भी मंत्री नहीं बनाया। बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए मप्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।

भाजपा कार्यकर्ताओं को खिलाया 9 करोड़ का खाना : जीतू

विधानसभा के मीडिया सेंटर में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा- सरकार ने 9 करोड़ रुपए में 5 साल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में खाना खिलाया है। जानकारी सबको उपलब्ध करवा रहा हूं। एक प्रश्न को 10-10 बार पूछा गया, लेकिन सरकार उत्तर नहीं दे पाई। 9 बार किसान कर्ज माफी का प्रश्न पूछा, सरकार ने कहा- जानकारी एकत्र की जा रही है।

पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री 1लाख बार कह चुके हैं किसानों की आय दुगनी की जा रही है, इस पर सवाल पूछने को जवाब मिला- जानकारी एकत्र की जा रही है। मुझे कहा- जानकारी एकत्रित की जा रही है और हर्ष विजय गहलोत को कहा- हमने ऐसी कोई घोषणा ही नहीं की। 9 प्रश्न के उत्तर में जानकारी क्या एकत्रित कर रहे थे? जब सरकार से पूछा कि आपने इन्वेस्टर मीट में कितना खर्च किया? चार बार बोला- जानकारी एकत्र की जा रही है, बाद में लिख दिया- फाइल जल गईं इसलिए उत्तर नहीं दे सकते। कहने का अर्थ यह है कि सरकार चोरी भी करती है, सीनाजोरी भी करती है, झूठ भी बोलती है, गुमराह भी करती है।

दिग्विजय सिंह को दी जन्मदिन की बधाई 

पीसी शर्मा ने सदन के जरिए दिग्विजय सिंह को जन्मदिन की बधाई दी। तरुण भनोत ने कहा- विंध्य के सपूत अर्जुन सिंह की प्रतिमा पर लंबे समय से कपड़ा लपेट रखा है। इस प्रतिमा के अनावरण की तारीख तय कराएं। गृहमंत्री ने अध्यादेशों को पटल पर रखा। जीतू पटवारी ने फिर पूछा बीजेपी ऑफिस में कब, किस आयोजन पर कितना पैसा खर्च हुआ?

स्कूलों के जर्जर भवनों का मामला उठाया

बैहर (बालाघाट) विधायक संजय उईके ने हिना कांवरे की अनुपस्थिति में उनका सवाल उठाया। धर्मेंद्र लोधी ने जबेरा विधानसभा के क्षतिग्रस्त स्कूलों के लिए राशि उपलब्ध कराने का मामला उठाया। इसपर स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जारी की गई राशि की जानकारी दी। पथरिया विधायक रामबाई ने अपने क्षेत्र के स्कूलों के जर्जर भवनों का मामला उठाया।

“कर्मचारियों की मंडी बोर्ड में ज्यादा जरूरत”

रैगांव (सतना) विधायक कल्पना वर्मा ने पूछा- प्रवर श्रेणी (अपर डिविजन) की प्रदेश में कितनी मंडियां हैं, इसका जवाब सही नहीं दिया गया। कृषि मंत्री कमल पटेल से पूछा कि मंडियों में कर्मचारी काम नहीं कर रहा है। आपने कर्मचारियों को दूसरी जगह लगा रखा है। मंत्री ने कहा- जिसकी जहां जरूरत है, उसे वहां लगाया गया है। कर्मचारियों की मंडी बोर्ड में ज्यादा जरूरत है।
पहला सवाल कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी (भीकनगांव, खरगोन) ने उठाया। इसके पहले ही कांग्रेस के ही विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

सोलंकी ने पंचायत सचिव को 7वां वेतनमान, पंचायत विभाग में संविलियन और नियमितिकरण का मामला उठाया। बोलीं- मुझे जो जवाब मिला, वो पूर्ण नहीं है। प्रमुख मांग थी कि 7वां वेतनमान कब दिया जाएगा? वेतनमान की गणना 2008 से की जा रही है, जबकि नियुक्ति 1995 से है। जवाब में पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा- सचिव और रोजगार सहायकों के 7वें वेतनमान और नियमितीकरण के लिए कमेटी बनाई है।

इसकी रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। सोलंकी बोलीं- कमेटी बनने के बाद एक भी बैठक नतीजे की नहीं हुई है। ये कर्मचारी गांव के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं। पंचायत मंत्री बोले- पंचायत सचिव जिले के कैडर का कर्मचारी होता है। नियमितीकरण की प्रक्रिया लंबी होती है। 3 माह के अंदर समिति की रिपोर्ट बुलाकर कार्रवाई की जाएगी।

दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस विधायक शरद कोल ने शुरुआत में ही सतना के कोल सम्मेलन से लौट रहे आदिवासियों की असमय मौत की बात कहनी शुरू कर दी। इसके बाद स्पीकर गिरीश गौतम ने दो मिनट का मौन कराकर सदन की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
दूसरे दिन का सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी। सीएम के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने श्रद्धांजलि दी। शरद यादव को याद करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा- मैं अगर विधायक बना तो इसमें शरद यादव का बड़ा योगदान है। उनके भाई ने मुझे फोन कर शरद जी की प्रतिमा गांव में लगाने के लिए कहा था। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि उनकी प्रतिमा लगाने के लिए पहल की जाए।

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