भोपाल(Janprachar.com)। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक और प्रयोग करते हुए तेजस्वी नामक नया कार्यक्रम तैयार किया है। इसके अंतर्गत हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी कक्षाओं के बच्चे स्व -रोजगार से जुड़े विषयों में न केवल पारंगत होंगे, बल्कि इस शिक्षा से उनका कौशल विकास भी हो सकेगा। उद्यम लर्निंग फाउंडेशन एवं द एज्युकेशन एलायंस नामक निजी संस्थाएं प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को क्रियान्वित करेंगी। इसके लिए हाल ही में विभाग व संस्थाओं के प्रमुखों के बीच अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
40-40 मिनट की होंगी विशेष कक्षाएं
अनुबंध के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी व लोक शिक्षण आयुक्त श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव मौजूद थीं।सभी पक्षों के मध्य हस्ताक्षर के उपरांत एमओयू की प्रति प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी को सौंपी गई। बताया गया कि विद्यालयों में इस पाठ्यक्रम के आधार पर सप्ताह में तीन दिन 40-40 मिनट की विशेष कक्षाएं संचालित की जायेंगी।
इसके साथ ही विभिन्न नवाचारी व्यवसाय पर आधारित अनुभव आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रोजेक्ट कार्य भी संचालित होंगे। इस पर होने वाला खर्च सरकार वहन करेगी। सूत्रों के अनुसार ,पारंगत विद्यार्थियों को बाद में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
फ़िलहाल भोपाल और इंदौर में लागू होगा कार्यक्रम
दावा किया गया कि इस कार्यक्रम से शालेय विद्यार्थी स्व रोजगार और नये उद्यम की स्थापना हेतु प्रेरित हो सकेंगे। इस मौके पर स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री इन्दर सिंह परमार ने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम से तेजस्वी नागरिकों का निर्माण होगा।
वहीं,प्रमुख सचिव श्रीमती शमी ने कहा कि प्रायोगिक तौर पर यह कार्यक्रम अभी भोपाल और इंदौर के शासकीय विद्यालयों में लागू किया जा रहा है। इसमें कक्षा नवमी और ग्यारहवीं के विद्यार्थी शामिल रहेंगे। दूसरे चरण में इसे कक्षा 9 से 12 तक के लिए प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।
कौशल विकसित करना उद्देश्य : अनुभा श्रीवास्तव
आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव (In Photo) ने बताया कि, इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में उद्यमी विश्वास और 21वीं सदी के कौशल विकसित करना है ताकि वे जीवन की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।
उन्होंने बताया कि ”तेजस्वी एमपी कार्यक्रम” पाठ्यक्रम के अंतर्गत भोपाल और इंदौर के 301 शासकीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं के लगभग 44,780 विद्यार्थी तथा ”तेजस्वी एमपी सामाजिक और व्यावसायिक नवाचार चैलेंज कार्यक्रम” में इन्हीं दोनों नगरों के 176 विद्यालयों के 11वीं कक्षा के 22,738 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।