क्या मेहंदी लगे हाथों से खाना खाना है सुरक्षित? जानिए कब बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

प्राकृतिक और पूरी तरह सूखी मेहंदी लगे हाथों से खाना खाने पर मेहंदी को सीधे तौर पर बीमारी का कारण नहीं माना जाता। हालांकि, गीली मेहंदी, संदिग्ध केमिकल वाली मेहंदी और हाथों की खराब सफाई से संक्रमण या एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है।

त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम में हाथों पर मेहंदी लगाना महिलाओं के लिए सजने-संवरने के साथ-साथ परंपरा का भी हिस्सा है। लेकिन मेहंदी लगाने के बाद एक सवाल अक्सर सामने आता है कि क्या इन हाथों से खाना खाना सुरक्षित है? क्या मेहंदी खाने के साथ पेट में पहुंचने पर कोई नुकसान कर सकती है?

जानकारियों के मुताबिक, सिर्फ प्राकृतिक मेहंदी लगी होने से खाना खाने पर बीमारी होने की बात साबित नहीं होती। हालांकि, मेहंदी लगे हाथों की सफाई में लापरवाही संक्रमण का कारण बन सकती है। खासकर जब हाथों पर मेहंदी का पेस्ट लगा हो या मेहंदी में ऐसे रसायन मौजूद हों, जो त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

क्या मेहंदी लगे हाथों से खाना खा सकते हैं?

अगर हाथों पर शुद्ध और पूरी तरह सूखी प्राकृतिक मेहंदी लगी है, तो केवल मेहंदी की वजह से खाना खाने पर बीमारी होना जरूरी नहीं है। असली चिंता हाथों की स्वच्छता और मेहंदी के प्रकार को लेकर होती है।

मेहंदी लगी होने के कारण उंगलियों और नाखूनों के आसपास की अच्छी तरह सफाई मुश्किल हो सकती है। अगर हाथों पर पहले से मौजूद गंदगी, बैक्टीरिया या अन्य कीटाणु भोजन के संपर्क में आते हैं, तो पेट संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

गीली मेहंदी के साथ खाना खाने से बचें

मेहंदी लगाने के तुरंत बाद हाथों से खाना खाना बेहतर विकल्प नहीं है। जब मेहंदी का पेस्ट अभी गीला होता है, तो उसके भोजन में मिल जाने की संभावना रहती है।

इसके अलावा, मेहंदी का पेस्ट जिस सामग्री से तैयार किया गया है, उसके कुछ अंश भी भोजन के साथ शरीर में जा सकते हैं। इसलिए मेहंदी पूरी तरह सूखने तक सीधे हाथों से खाना खाने से बचना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

सबसे बड़ा खतरा मेहंदी नहीं, गंदे हाथों से हो सकता है

मेहंदी लगे हाथों को देखकर अक्सर लोगों को लगता है कि बीमारी का कारण मेहंदी होगी। लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि हाथ कितने साफ हैं।

मेहंदी के कारण हाथों की उंगलियों के बीच और नाखूनों के आसपास सफाई ठीक से नहीं हो पाती। ऐसे में मौजूद कीटाणु भोजन के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं। इससे पेट दर्द, उल्टी या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ब्लैक हेना से क्यों रहना चाहिए सावधान?

हर तरह की मेहंदी प्राकृतिक नहीं होती। खासकर ब्लैक हेना में कुछ रासायनिक पदार्थ मिलाए जा सकते हैं। ऐसे उत्पादों से कुछ लोगों को त्वचा पर एलर्जी, जलन, लालिमा या फफोले जैसी परेशानी हो सकती है।

इसलिए जिस मेहंदी की सामग्री के बारे में जानकारी न हो, उसे लगाते समय सावधानी बरतना बेहतर है। ऐसी मेहंदी को मुंह और भोजन के संपर्क में आने से भी रोकना चाहिए।

खाना खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मेहंदी लगे हाथों से खाना खाने की स्थिति में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर जोखिम कम किया जा सकता है:

  • गीली मेहंदी लगे हाथों से सीधे खाना न खाएं।
  • मेहंदी सूखने के बाद भी उंगलियों और नाखूनों के आसपास सफाई रखें।
  • खाने से पहले हाथों को जितना संभव हो अच्छी तरह साफ करें।
  • मेहंदी का पेस्ट भोजन के संपर्क में न आने दें।
  • संदिग्ध या अत्यधिक केमिकल वाली मेहंदी से बचें।
  • मेहंदी लगाने के बाद खुजली, जलन, लालिमा या फफोले हों तो इसे नजरअंदाज न करें।

मेहंदी लगाने के बाद एलर्जी हो तो क्या करें?

अगर मेहंदी लगाने के बाद त्वचा पर तेज खुजली, जलन, लाल चकत्ते, सूजन या फफोले दिखाई दें तो इसका इस्तेमाल जारी न रखें। ऐसे लक्षण एलर्जी या त्वचा की प्रतिक्रिया से जुड़े हो सकते हैं। परेशानी ज्यादा होने या लगातार बने रहने पर डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

मेहंदी लगे हाथों से खाना खाना अपने आप में बीमारी का कारण नहीं माना जाता, खासकर जब प्राकृतिक मेहंदी पूरी तरह सूख चुकी हो। लेकिन हाथों की सफाई में लापरवाही, गीली मेहंदी का भोजन में मिलना और केमिकल वाली मेहंदी का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।

इसलिए त्योहार या शादी में मेहंदी का शौक जरूर पूरा करें, लेकिन खाने से पहले हाथों की स्वच्छता और मेहंदी की गुणवत्ता का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।