रोशनी, पटाखों और मौज-मस्ती का त्योहार दिवाली बस कुछ ही दिनों में आने वाला है। इस बार ये 24 अक्टूबर 2022 को मनाया जाएगा। दिवाली से पहले से ही लोग घरों के बाहर फुलझड़ी, पटाखे, चकरी और अनार जैसे कई पटाखे जलाने लगते हैं। लेकिन इन पटाखों से खूब सारा पॉल्यूशन होता है और इस पॉल्यूशन का सबसे ज्यादा इफेक्ट अस्थमा के मरीजों को पड़ता है या जिन लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है उन्हें।
घर के अंदर रहें
सांस की बीमारी जैसे अस्थमा और सांस लेने में तकलीफ वाले लोगों को जब पटाखे जलाए जाते है उस दौरान घर के अंदर ही रहना चाहिए और जहां तक संभव हो धुएं के संपर्क में नहीं आना चाहिए।
इनहेलर साथ रखें
दिवाली के दौरान अक्सर लोग अपनी दवाइयों और खानपान में लापरवाही करते हैं। लेकिन सांस संबंधी बीमारी वाले मरीजों को अपने नियमित इनहेलर और डॉक्टर की बताई गई दवाओं का उपयोग करना जारी रखना चाहिए। अपने इनहेलर को तो आपको हमेशा अपने साथ रखना चाहिए।
N95 मास्क पहनें
भले ही कोरोना के केसों में कमी आ गई है। लेकिन यदि आप दिवाली पर पटाखे फोड़ना या देखना चाहते हैं, तो N95 मास्क भी पहनें ताकि धुंआ नाक में न जाए। नहीं तो इससे अस्थमा का दौरा बहुत आसानी से पड़ सकता है।
खानपान का रखें विशेष ध्यान
दिवाली के दौरान मीठे और पकवान के सेवन कम कर आपको बहुत सारी हरी सब्जियां और फल खाना चाहिए। एंटीऑक्सीडेंट का सेवन बढ़ाने से प्रदूषण के प्रभाव को कम करने करने में मदद मिलती है। इसके विपरीत अधिक मात्रा में खाने और तैलीय भोजन करने से अस्थमा के रोगियों के लिए अधिक खतरा हो सकता है। इस दौरान खूब पानी पिएं और खुद को हाइड्रेट रखें।
बार-बार आंखें और हाथ धोएं
साबुन और पानी से बार-बार हाथ और आंखों को धोएं। किसी भी प्रकार की जलन महसूस होने पर डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। बच्चों को भी बाहर से आने के बाद बार-बार हाथ और आंख धोने के लिए कहे।
दिवाली की सफाई से बचें
सिर्फ पटाखों से नहीं दिवाली के दौरान अस्थमा के मरीजों को साफ-सफाई से भी परेशानी बढ़ सकती हैं। ऐसे में सांस की बीमारी या एलर्जी वाले सभी लोगों को घर की सफाई से दूर रहना चाहिए, क्योंकि धूल सांस लेने में समस्या पैदा कर सकती है और बहुत आसानी से अस्थमा के दौरे को ट्रिगर कर सकती है।
















