जापान और ताइवान साथ मिलकर ड्रैगन के उड़ायेंगे होश, लिया यह बड़ा फैसला

ताइपे.
 ताइवान और जापान ने चीन से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन और जापान सरकार के एक प्रतिनिधि के बीच एक बैठक के बाद निर्णय लिया गया है कि चीन को रोकने के लिए दोनों देश अपने सैन्य संबंधों को मजबूत करेंगे. लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) पॉलिसी रिसर्च काउंसिल के अध्यक्ष हागिउडा कोइची ताइवान-जापान संबंधों पर बातचीत करने के लिए रविवार, 10 दिसंबर को ताइपे में थे. दोनों देशों के बीच अर्थव्यवस्था और व्यापार के साथ-साथ राजनीतिक और सांस्कृतिक विषय पर बातचीत हुई है.

ताइवान न्यूज के अनुसार राष्ट्रपति कार्यालय में राष्ट्रपति त्साई से मुलाकात के दौरान हागिउडा ने कहा कि जापान, ताइवान का पक्का मित्र और सहयोगी है. उन्होंने कहा कि ताइवान एक अत्यंत महत्वपूर्ण भागीदार और जापान का एक मूल्यवान मित्र है, जिसके साथ जापान उदार लोकतंत्र, बुनियादी मानवाधिकारों और कानून के शासन के साथ-साथ करीबी आर्थिक संबंधों और व्यक्तिगत आदान-प्रदान जैसे मौलिक मूल्यों को साझा करता है. हागिउडा ने कहा कि इस संदर्भ में, एक दूसरे के साथ हमारी मदद और सहयोग समय के साथ निर्मित हुआ है.

वहीं राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने ताइवान के निरंतर समर्थन के लिए जापान को धन्यवाद दिया है. राष्ट्रपति त्साई ने कहा कि हमने हाल के वर्षों में देखा है कि ताइवान-जापान संबंध पहले से अधिक घनिष्ठ हो गए हैं. उन्होंने कहा कि भविष्य में, ताइवान सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में जापान के साथ सहयोग को मजबूत करना जारी रखेगा. साथ ही इंडो पैसिफिक रीजन की स्वतंत्रता, खुलेपन और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेगा.

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हागिउडा ने कहा कि चीन और उत्तर कोरिया से खतरों की ‘गंभीर वास्तविकता’ को पूरा करने के लिए जापान को रक्षा खर्च बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हालांकि जापान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से शांति के मार्ग पर चल रहा है. लेकिन केवल शांति शब्द का पाठ करना निश्चित रूप से पर्याप्त नहीं है.

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