पश्चिमी ईरान में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद ईंधन टैंकर में जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट के बाद आसपास से गुजर रही कई गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल बताए जा रहे हैं।
यह दुर्घटना कुर्दिस्तान प्रांत के सनंदाज काउंटी और हमदान प्रांत के हमदान काउंटी के बीच इंटरसिटी सड़क पर हुई। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरआईबी के मुताबिक, हादसे की जानकारी कुर्दिस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज की इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज के प्रमुख बाबक होदाई ने दी।
धमाके के बाद कई वाहनों में लगी आग
बताया गया है कि सड़क दुर्घटना के बाद ईंधन टैंकर में अचानक विस्फोट हुआ। टैंकर के धमाके के कारण आसपास से गुजर रही कई गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं।
विस्फोट के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवाओं और राहत-बचाव दल को घटनास्थल पर भेजा गया। घायलों को तत्काल सनंदाज के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान अभी जारी है।
जुलाई में भी टैंकर हुआ था हादसे का शिकार
ईरान में इससे पहले जुलाई में भी एक तेल टैंकर से जुड़ी दुर्घटना सामने आई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकराने के बाद विस्फोट का शिकार हो गया था।
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जहाज ईरान की ओर से निर्धारित समुद्री मार्ग से हट गया था। अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, टैंकर कथित तौर पर चेतावनी के बावजूद ईरान द्वारा निर्धारित सुरक्षित समुद्री मार्ग से बाहर के क्षेत्र में पहुंच गया था।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
खाड़ी क्षेत्र के कई प्रमुख तेल और एलएनजी उत्पादक देश इसी समुद्री रास्ते के जरिए अपने ऊर्जा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाते हैं। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी बड़े हादसे या सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ा सैन्य घटनाक्रम
ईरान में टैंकर हादसे के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी बढ़ता नजर आया। अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर ने ईरान की ओर से किए गए कई हमलों से सफलतापूर्वक बचाव किया। अमेरिकी सेना ने कहा कि इस घटना में कोई अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ।
अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर किया हमला
CENTCOM ने बताया कि 5 सितंबर को अमेरिकी बलों ने ईरान के तीन कच्चा तेल ले जाने वाले जहाजों पर हमला किया। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक यह कार्रवाई उस समय की गई, जब IRGC ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
इस घटनाक्रम से पहले से तनावपूर्ण अमेरिका-ईरान संबंधों में और इजाफा हुआ है। ईरान के ऊर्जा कारोबार और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव से क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।