हूती हमलों से दहले यमन-सऊदी , होर्मुज डील की उम्मीद बरकरार

यमन और सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों से मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया। लेबनान में भी इजराइली सैनिकों की मौत हुई। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदें बनी हुई हैं।

सना,एजेंसी,AP।
मध्य-पूर्व में एक ओर युद्ध की आग तेज होती दिख रही है, तो दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें भी जारी हैं।

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन और सऊदी अरब में एक साथ बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले कर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया।

वहीं, लेबनान में इजराइली सैनिकों की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई तेज हो गई।

इसके बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की उम्मीदें भी बनी हुई हैं।

 

यमन में सैन्य ठिकानों पर हमला, 58 सैनिकों की मौत

हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को यमन के सैन्य ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया।

हमले में 58 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए।

इसके बाद यमन के रक्षा मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस हमले का जवाब सही समय और सही स्थान पर दिया जाएगा।

सऊदी अरब में भी हमला, 11 नागरिक घायल

इसी दौरान सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र पर भी हमला किया गया।

हमले में 11 नागरिक घायल हुए,

जिनमें सात सऊदी नागरिक, एक यमनी, दो मिस्री, एक पाकिस्तानी नागरिक और चार साल का एक बच्चा शामिल है।

कई इलाकों में आग लगने के बाद दमकल और राहत दलों को तुरंत तैनात किया गया।

लेबनान में दो इजराइली सैनिकों की मौत, जवाबी हवाई हमले

उधर, दक्षिणी लेबनान में एक इमारत में हुए विस्फोट में दो इजराइली सैनिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए।

घटना के तुरंत बाद इजराइली सेना ने कई संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए, जिससे सीमा क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

होर्मुज स्ट्रेट पर समझौते की उम्मीद, जहाजों की आवाजाही घटी

लगातार बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर कुछ सकारात्मक संकेत भी मिले हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर समझौते का मसौदा अंतिम चरण में है।

हालांकि, सुरक्षा चिंताओं के चलते समुद्री यातायात में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

जहां पहले प्रतिदिन 130 से 140 जहाज गुजरते थे,

वहीं बुधवार को केवल दो जहाजों ने इस मार्ग का उपयोग किया।

बाब-अल-मंदेब मार्ग पर भी जहाजों की आवाजाही लगातार कम हो रही है।

शिपिंग संगठनों ने जताई महंगाई की चिंता

8 प्रमुख शिपिंग संगठनों ने IMO से अपील की है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी प्रकार का टोल या सेवा शुल्क न लगाया जाए।

उनका कहना है कि ऐसा होने पर वैश्विक शिपिंग लागत बढ़ेगी,

जिसका असर महंगाई पर भी पड़ेगा।

ट्रम्प बोले- बातचीत चाहता है ईरान

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने खुद बातचीत की पहल की है।

उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौता ईरान के हित में सबसे बेहतर विकल्प साबित होगा।