ताइवान की W-99 मिसाइल मचाएगी बीजिंग तक तबाही,ड्रैगन की चौतरफा घेरेबंदी शुरू

   बीजिंग
 दुनियाभर में दादागिरी दिखा रहे चीनी ड्रैगन की चौतरफा घेरेबंदी शुरू हो गई है। भारत के चीन की राजधानी बीजिंग तक मार करने वाली अग्नि-5 मिसाइल के रात के समय सफल परीक्षण के बाद अब खुलासा हुआ है कि ताइवान ने भी ऐसी ही ताकत जुटा ली है। ताइवान की सेना के शीर्ष रीसर्च यूनिट के पूर्व प्रमुख ने खुलासा किया है कि ताइवान ने जमीन पर हमला करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बना ली है जो 1 हजार किमी तक मार करने में सक्षम है। इस तरह से ताइवान की यह मिसाइल बीजिंग तक को तबाह कर सकती है।

ताइवान की हथियार बनाने वाली सरकारी कंपनी नैशनल चूंक शान इंस्‍टीट्यूट के रिटायर रियर ए‍डमिरल कूंग चिआ चेंग ने एक जीवनी में इस मिसाइल के बारे में खुलासा किया है। ताइवान की इस घरेलू क्रूज मिसाइल को यून फेंग प्रॉजेक्‍ट के तहत बनाया गया है और इसका कोड नेम W-99 है। यह मिसाइल मैक 3 की सुपरसोनिक गति से हमला करने में सक्षम है। यह दुश्‍मन के इलाके में घुसकर तबाही मचाने में सक्षम है। इस मिसाइल की रफ्तार इतनी ज्‍यादा है कि उसे इंटरसेप्‍ट करना आसान नहीं होगा।

ताइवानी मिसाइल का व्‍यापक पैमाने पर उत्‍पादन

कुंग ने कहा कि जब इस मिसाइल का विकास किया जा रहा था तब केवल अमेरिका और रूस के पास ऐसी घातक मिसाइल थी। इस मिसाइल का विकास ताइवान के पूर्व राष्‍ट्रपति ली तेंग हुई ने कराया है। कुंग ने कहा कि ताइवान की सेना ने तो एक बार पूरे प्रॉजेक्‍ट को छोड़ दिया था क्‍योंकि उसे यह भरोसा ही नहीं था कि इंस्‍टीट्यूट क्रूज मिसाइल बना सकता है। हालांकि ली के उत्‍तराध‍िकारी चेन शुई बियान ने अपने कार्यकाल में इंस्‍टीट्यूट का दौरा किया और इस प्रॉजेक्‍ट को मंजूरी दे दी।

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कुंग के बारे में कहा जाता है कि वह पहले व्‍यक्ति थे जो इस घरेलू सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के विकास में शामिल थे और उन्‍होंने इसकी पुष्टि की है कि यह 1000 किमी तक मार कर सकती है। ताइवानी नेता यू सी कून ने भी एक ऑनलाइन भाषण में इसी तरह का दावा किया था। यू ने कहा, 'ताइवान चीन पर हमला नहीं करेगा लेकिन चीन को ताइवान पर हमला करने से पहले यह ध्‍यान देना होगा कि ताइपे बीजिंग को निशाना बना सकता है। उन्‍होंने खुलासा किया कि इस मिसाइल का आधिकारिक रूप से अब व्‍यापक पैमाने पर उत्‍पादन शुरू हो गया है।

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