Ekadashi Tithi: फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर खाटू श्याम जी के दर्शन करना विशेष फलदायी

khatu Shyam Mandir राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी का मंदिर केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी प्रसिद्ध है। यहां हर दिन लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए आते हैं। मान्यताओं के अनुसार खाटू श्याम जी को भगवान कृष्ण का कलयुगी अवतार कहा जाता है।

 

Khatu Shyam Ji: सीकरी में स्थित खाटू श्याम जी के मंदिर में कई लोग अपनी मुराद लेकर पहुंचते हैं। बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा, तीन बाण धारी और शीश के दानी आदि कई नामों से जाना जाता है। जिस प्रकार हिंदू धर्म में प्रत्येक देवी-देवता के लिए एक खास दिन समर्पित माना जाता है, ठीक उसी प्रकार बाबा खाटू के लिए भी एक विशेष दिन समर्पित माना गया है।

 

जाने कौन हैं खाटू श्याम जी

खाटू श्याम जी असल में पांडवों में से भीम के पोते अर्थात घटोत्कच के बेटे हैं। जिनका असली नाम बर्बरीक है। खाटू नरेश जी की प्रसिद्धि का कारण महाभारत के युद्ध से ही जुड़ा है। पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत के युद्ध में हिस्सा लेने के लिए बर्बरीक ने अपनी माता से आज्ञा मांगी। तब उनकी मां ने यह कहते हुए उन्हें युद्ध में जाने की आज्ञा दी कि तुम युद्ध में हारे का सहारा बनना। तभी से खाटू श्याम हारे का सहारा कहलाने लगे।

वैसे तो खाटू श्याम जी के दर्शन कभी भी किया जा सकते हैं। लेकिन जिस फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर खाटू श्याम जी के दर्शन करना विशेष फलदायी माना जाता है। माना जाता है कि इस समय में बाबा खाटू श्याम जी के दर्शन करने से वह अपने भक्तों की पुकार जल्दी सुनते हैं और उन्हें पूरा करते हैं।

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