Dhanteras 2026: आज शाम 6:02 बजे से धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त, जानें प्रदोष काल और वृषभ काल की टाइमिंग

धनतेरस पर दिल्ली में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 से 7:57 बजे तक है। जानें प्रदोष काल, वृषभ काल और खरीदारी का शुभ समय।

नई दिल्ली: धनतेरस का त्योहार आज, शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को देशभर में मनाया जा रहा है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व से पांच दिवसीय दीपावली उत्सव की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन, आभूषण और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदने की भी परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर प्रदोष काल में पूजा करना शुभ माना जाता है। इस साल दिल्ली के पंचांग के अनुसार पूजा का सबसे अच्छा मुहूर्त शाम 6 बजकर 2 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इस दौरान स्थिर वृषभ लग्न भी रहेगा। आइए जानते हैं धनतेरस की पूजा का पूरा समय, प्रदोष काल, वृषभ काल और खरीदारी के शुभ मुहूर्त।

धनतेरस 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, धनतेरस पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए शाम का समय विशेष माना गया है।

दिल्ली के अनुसार पूजा का शुभ मुहूर्त:

  • धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक
  • पूजा की अवधि: 1 घंटा 56 मिनट
  • प्रदोष काल: शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि और स्थिर वृषभ लग्न का संयोग धनतेरस पूजा के लिए शुभ माना जाता है।

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आज कब से कब तक रहेगी त्रयोदशी तिथि?

धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है। साल 2026 में त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर की सुबह शुरू हो रही है और अगले दिन 7 नवंबर की सुबह तक रहेगी।

  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर, सुबह 10:30 बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर, सुबह 10:47 बजे

हालांकि तिथि अगले दिन तक रहेगी, लेकिन प्रदोष काल में त्रयोदशी होने के कारण धनतेरस का मुख्य पर्व और शाम की पूजा 6 नवंबर को की जाएगी।

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ समय

धनतेरस पर सोना, चांदी और धातु के बर्तन खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन नई वस्तुएं घर लाने से सुख-समृद्धि आती है। लोग अपनी क्षमता के अनुसार सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, बर्तन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते हैं।

दिल्ली के पंचांग के अनुसार खरीदारी के लिए प्रमुख समय इस प्रकार हैं:

  • सुबह का खरीदारी मुहूर्त: 10:30 बजे से 10:43 बजे तक
  • शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:05 बजे से 1:27 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक
  • चर चौघड़िया: शाम 4:11 बजे से 5:33 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक

सोना-चांदी खरीदने के लिए स्थानीय पंचांग और दुकान के समय के अनुसार योजना बनाएं। शहर के हिसाब से शुभ मुहूर्त में अंतर हो सकता है।

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धनतेरस पर कैसे करें माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा?

धनतेरस की शाम घर की साफ-सफाई और पूजा स्थल की तैयारी के बाद शुभ मुहूर्त में पूजा की जाती है। पारंपरिक पूजा विधि इस प्रकार है:

  1. सबसे पहले घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें।
  2. पूजा स्थल पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  3. दीपक जलाकर भगवान को रोली, अक्षत, फूल और फल अर्पित करें।
  4. भगवान धन्वंतरि को पीले फूल और मिठाई अर्पित करें।
  5. माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा कर धन और सुख-समृद्धि की कामना करें।
  6. पूजा के बाद परिवार के सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

धनतेरस पर यम दीपदान का क्या है महत्व?

धनतेरस पर यमराज के नाम से दीपदान करने की भी परंपरा है। इसे यम दीपदान कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से परिवार पर अकाल मृत्यु का भय दूर रहता है।

दिल्ली में यम दीपदान का शुभ समय शाम 5:33 बजे से 6:51 बजे तक बताया गया है। इस दौरान घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाया जाता है।

यह परंपरा धार्मिक आस्था से जुड़ी है। परिवार अपनी स्थानीय परंपरा और पंचांग के अनुसार दीपदान कर सकते हैं।

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करीब सात साल बाद बन रहा खास संयोग

लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल धनतेरस पर हस्त नक्षत्र, विश्व योग और शुक्रवार के प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इन संयोगों को शुभ माना जाता है। इसी वजह से इस बार धनतेरस की पूजा और खरीदारी को लेकर लोगों में खास उत्साह है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और दान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि, इन मान्यताओं को आस्था और परंपरा के रूप में ही देखना चाहिए।

धनतेरस से शुरू होगा पांच दिवसीय दीपावली उत्सव

धनतेरस के साथ ही पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव की शुरुआत हो जाती है। साल 2026 में प्रमुख त्योहारों की तारीखें इस प्रकार हैं:

  • धनतेरस: 6 नवंबर 2026
  • छोटी दिवाली: 7 नवंबर 2026
  • मुख्य दिवाली और लक्ष्मी पूजा: 8 नवंबर 2026
  • गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर 2026
  • भाई दूज: 11 नवंबर 2026

धनतेरस 2026 पर दिल्ली में माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक है। प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न के इस संयोग में पूजा करना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ माना जाता है। खरीदारी और पूजा के समय अपने शहर के स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।