मरीजों को त्वरित रूप से आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही

54

महासमुंद
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत् महासमुन्द सहित विकासखण्ड बागबाहरा, बसना, सरायपाली और पिथौरा में हर हफ्तें लगने वाली हाट-बाजार में क्लीनिक स्वास्थ्य शिविर में जॉच और इलाज की सुविधा मुहैया कराया जा रहा है। वहीं मरीजों को त्वरित रूप से आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। जिले में अप्रैल माह से बीती 17 जुलाई तक 85 हाट बाजारों में 1136 चिकित्सक दल गए। विगत साढ़े तीन माह में जिले में लग रही हाट-बाजारों में 93 हजार 864 लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको दवाईयां दी गयी।

इन साप्ताहिक हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजनांतर्गत स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना, गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, प्रसवपूर्व संपूर्ण जांच एवं पूर्ण टीकाकरण सहित बी.पी, शुगर, मलेरिया, जांच कीट के माध्यम से पैथालाजी जांच, नेत्र जांच, जागरूकता के अभाव में होने वाले अकाल मृत्यु को रोकना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना, कुपोषण दर कम करना आदि है। महासमुंद विकासखंड सहित सभी बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली में लगने वाली हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक शिविर का संचालन किया जा रहा है। साप्ताहिक हाट बाजारों में चिकित्सक, पैरा मेडिकल टीम के द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य उपचार किया जा रहा है।

इस योजना से ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ हो इसके लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर नुक्कड़ नाटक/कलाजत्था के माध्यम से स्थानीय भाषाओं में शिविर के बारे में लोगों को जानकारी देकर जन जागरूकता निर्मित की जाती है। कोरोना काल के चलते चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मी इस महामारी से लोगों के स्वास्थ्य रक्षा में लगे होने एवं लॉकडाउन के कारण इस योजना पर भी असर पड़ा। जिले के विकासखंड बागबाहरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम चुरकी, खट्टी, तुसदा आदि के साप्ताहिक हाट-बाजार में आये ग्रामीणों से बात करने पर उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना बहुत ही फायदेमंद है। इस योजना के बारे में ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब हमारे स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार ने खुद उठा ली है। परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य जांच के लिए बाजार में लगे हाट-बाजार में भी लाते हैं। हाट-बाजार में नियमित क्लीनिक लगने से अब पहले की अपेक्षा भीड़ बढ़ी है। ग्रामीण अपनी दैनिक उपयोग की सामग्री क्रय करने हेतु साप्ताहिक बाजार में आते हैं। जहां खरीदी के साथ-साथ वे अपने स्वास्थ्य की भी जांच करवा लेते हैं। दुर्गम इलाकों के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना किसी देवदूत से कम नहीं है। माह अगस्त से जिले के 85 हाट बाजारों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जॉच कर नि:शुल्क दवाईयां मुहैया करायी जाती है।