भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को सप्ताह की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स कारोबार खुलते ही 1,000 अंकों से ज्यादा उछलकर 75 हजार के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 में भी 200 से ज्यादा अंकों की तेजी दर्ज की गई। इस तेजी में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की अहम भूमिका रही। कारोबार के शुरुआती घंटों में रिलायंस का शेयर करीब 6.70% चढ़कर 1,241 रुपये पर पहुंच गया।
सेंसेक्स 1,012 अंक उछला, निफ्टी में 239 अंकों की तेजी
सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला। बीएसई का सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र में 74,459.53 पर बंद हुआ था। सोमवार को इसमें तेजी आई और यह शुरुआती कारोबार में 1,012 अंक उछलकर 75,471 के स्तर तक पहुंच गया।
इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 भी पिछले बंद 23,053.10 से ऊपर खुला और शुरुआती कारोबार में 239 अंक चढ़कर 23,292 के स्तर पर पहुंच गया।
सुबह के कारोबार में रिलायंस के अलावा कई बड़े शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 6.70% तक चढ़ा
इस तेजी के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर निवेशकों के रडार पर रहा। खबर लिखे जाने तक कंपनी का शेयर करीब 6.70% उछलकर 1,241 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
इस तेजी के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर करीब 16.77 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। बाजार में रिलायंस का बड़ा वेटेज होने के कारण इसके शेयर में आई तेजी का असर प्रमुख शेयर सूचकांकों पर भी पड़ा।
रिलायंस के शेयर में तेजी के पीछे कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों को बड़ी वजह माना जा रहा है।
रिलायंस के मुनाफे और कारोबार में मजबूत बढ़ोतरी
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर 2026 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के कारोबार में ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल बिजनेस का योगदान रहा।
कंपनी का कुल राजस्व सालाना आधार पर करीब 28% बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं EBITDA में लगभग 24% की वृद्धि हुई और यह 62,409 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने सितंबर तिमाही में शेयरधारकों के हिस्से का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 25,548 करोड़ रुपये बताया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 18,165 करोड़ रुपये से करीब 41% अधिक है। मजबूत नतीजों के बाद बाजार में कंपनी के शेयर को लेकर सकारात्मक रुझान देखने को मिला।
ब्रोकरेज कंपनियों के सकारात्मक रुख से भी मिला सहारा
रिलायंस के तिमाही नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज कंपनियों ने कंपनी के कारोबार और शेयर को लेकर सकारात्मक टिप्पणियां कीं। निवेशकों की नजर कंपनी के तेल से लेकर रिटेल और डिजिटल कारोबार तक के प्रदर्शन पर है।
रिलायंस के O2C कारोबार में बेहतर प्रदर्शन, जियो प्लेटफॉर्म्स की वृद्धि और रिटेल ऑपरेशंस में सुधार को कंपनी के नतीजों के प्रमुख कारकों में गिना गया है। मजबूत तिमाही प्रदर्शन ने निवेशकों की धारणा को सहारा दिया।
रिलायंस के साथ इन शेयरों में भी आई तेजी
सोमवार के शुरुआती कारोबार में रिलायंस के अलावा कई अन्य बड़ी कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
शुरुआती कारोबार में टाटा स्टील के शेयर में करीब 4%, NTPC में 3.40%, मारुति में 2.80%, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) में 2.40% और एशियन पेंट्स में 2.10% की तेजी दर्ज की गई।
मिडकैप शेयरों में डिक्सन टेक्नोलॉजीज करीब 6.50%, फीनिक्स मिल्स 3.40%, ग्लेनमार्क 2.80%, हिंदुस्तान पेट्रोलियम 2.60% और सुजलॉन एनर्जी 2.10% तक ऊपर कारोबार कर रहे थे।
बाजार में तेजी की दूसरी वजहें भी रहीं
रिलायंस के मजबूत नतीजों के अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार को समर्थन दिया। ईरान से जुड़े कूटनीतिक संवाद की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतों में गिरावट आई। इससे भारतीय बाजारों की धारणा को कुछ राहत मिली।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने भी बाजार को सहारा दिया। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
रिलायंस के मजबूत तिमाही नतीजों और शेयर में आई तेजी से बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बना है। हालांकि, किसी एक दिन की तेजी को शेयर में आगे भी लगातार बढ़त का संकेत नहीं मानना चाहिए।
निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, कारोबार की स्थिति, शेयर के मूल्यांकन और बाजार के जोखिमों को समझना जरूरी है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।