चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होता है, जब भगवान विष्णु योग निद्रा में शयन के लिए चले जाते हैं। इस दौरान जगत के पालनहार भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं। इसलिए चातुर्मास में शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही है। चातुर्मास में सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। शास्त्रों में चातुर्मास से जुड़े नियम के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि चातुर्मास के दौरान व्यक्ति को कुछ आदतों और चीजों का त्याग करना चाहिए, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और बिगड़े काम पूरे होते हैं।
चातुर्मास क्या है और इसके नियम
चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होता है, जब भगवान विष्णु योग निद्रा में शयन के लिए चले जाते हैं। इस दौरान जगत के पालनहार भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं। इसलिए चातुर्मास में शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही है।
चातुर्मास में सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। शास्त्रों में चातुर्मास से जुड़े नियम के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि चातुर्मास के दौरान व्यक्ति को कुछ आदतों और चीजों का त्याग करना चाहिए, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और बिगड़े काम पूरे होते हैं।
चातुर्मास में क्या नहीं करना चाहिए
चातुर्मास के दौरान तामसिक भोजन, नकारात्मक भावनाएं, गुस्सा और घमंड करने से बचना चाहिए। चातुर्मास में सात्विक भोजन ही करना चाहिए।
व्यवहार और विचारों का त्याग करना चाहिए। हिंदू धर्म में चातुर्मास को भजन-ध्यान करने का अधिक महत्व है। इसलिए इस दौरान सच्चे मन से देवी-देवताओं का भजन-ध्यान करें।
चातुर्मास में मांगलिक कार्यों पर रोक
चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं। इसलिए इस अवधि के दौरान शादी या सगाई जैसे शुभ संस्कार करने की मनाही है। इसके अलावा गृह प्रवेश या भूमि पूजन व नींव रखने जैसे कामों को भी नहीं करना चाहिए।
- चातुर्मास के दौरान शादी या सगाई जैसे शुभ संस्कार करने की मनाही है।
- गृह प्रवेश या भूमि पूजन व नींव रखने जैसे कामों को भी नहीं करना चाहिए।
- चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं।
चातुर्मास के लाभ और महत्व
चातुर्मास में दान करने का अधिक महत्व है। इसलिए चातुर्मास में गरीब लोगों या मंदिर में अन्न, वस्त्र, जल, छाता, तिल और जूते-चप्पल का दान जरूर करना चाहिए।
ऐसा माना जाता है कि इन चीजों का दान करने से जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।