हंगामे के बीच MP में UCC बहुमत से पास, सवालों से भी घिरी सरकार

मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी विधेयक तीखे विरोध और कई बार स्थगन के बीच बहुमत से पारित हुआ। इससे पहले सिंचाई, संविदाकर्मी, किसानों के भुगतान, कानून-व्यवस्था और औद्योगिक मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा गया।

रवि अवस्थी, भोपाल

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मध्यप्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन जनहित के मुद्दों और यूसीसी (समान नागरिक संहिता) विधेयक को लेकर पूरे दिन सुर्खियों में रहा। प्रश्नकाल में सिंचाई परियोजनाओं में देरी, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण, चाइल्ड केयर लीव, कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और किसानों से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाब देना पड़ा। ध्यानाकर्षण में गेहूं खरीदी भुगतान और फैक्ट्री विस्फोट के पीड़ितों का मुद्दा भी उठा।

सिंचाई, संविदाकर्मी और किसानों के मुद्दों पर सरकार से सवाल

विपक्ष ने बदनावर उद्वहन सिंचाई परियोजना में देरी पर सरकार को घेरा। सरकार ने 2027 तक परियोजना पूरी कर 2028 से किसानों को सिंचाई सुविधा देने का भरोसा दिया। संविदाकर्मियों के नियमितीकरण और चाइल्ड केयर लीव को लेकर भी विपक्ष ने स्पष्ट नीति की मांग की। साथ ही वन्यजीवों से फसलों के नुकसान, औद्योगिक विकास और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा गया।

भुगतान और मुआवजे पर उठे सवाल

ध्यानाकर्षण में जबलपुर के 175 किसानों को गेहूं खरीदी का भुगतान नहीं मिलने का मामला उठा। सरकार ने फर्जी खरीदी की जांच दोबारा कराने की घोषणा की। परासिया की फैक्ट्री विस्फोट घटना में घायल मजदूरों को मुआवजा देने की मांग भी सदन में गूंजी।

यूसीसी पर तीखी बहस, कई बार स्थगित हुई कार्यवाही

अनुपूरक बजट के बाद सरकार ने यूसीसी विधेयक चर्चा के लिए पेश किया। विपक्ष ने इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग करते हुए प्रक्रिया पर सवाल उठाए। चर्चा के दौरान नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

भाजपा ने यूसीसी को महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समानता और समान नागरिक अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम बताया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधेयक व्यापक जन सुझावों पर आधारित है। वहीं कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों के अधिकार, प्रक्रिया और जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए इसे समिति को भेजने की मांग दोहराई।

मुख्यमंत्री ने किया बचाव, बहुमत से पारित हुआ विधेयक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी सामाजिक समरसता और महिला अधिकारों को मजबूत करेगा। उन्होंने सभी विवाहों के अनिवार्य पंजीयन और एक पति या पत्नी के रहते दूसरा विवाह अमान्य होने जैसे प्रावधानों का उल्लेख किया।

विपक्ष के विरोध के बीच संशोधन प्रस्ताव खारिज हुए और सरकार ने बहुमत से यूसीसी विधेयक पारित करा लिया। यूसीसी के बाद सदन में राजमार्ग संशोधन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और अन्य विधेयकों पर भी चर्चा हुई। लगातार हंगामे के बावजूद विधानसभा ने अपना विधायी कार्य पूरा किया।