मध्य प्रदेश में साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है। पहले जहां फर्जी वेबसाइट और नकली निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को ठगा जाता था, वहीं अब ठग महिलाओं की मीठी आवाज, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल कर भरोसा जीत रहे हैं। इसके बाद घर बैठे मोटा मुनाफा, ऑनलाइन ट्रेडिंग या प्रॉपर्टी डील का झांसा देकर लाखों-करोड़ों रुपये ठग लिए जाते हैं।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, अकेले ग्वालियर में पिछले दो वर्षों के दौरान महिलाओं के नाम या उनकी आवाज का इस्तेमाल कर 23 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी हो चुकी है।
21 करोड़ रुपये की ठगी का बड़ा मामला
हाल ही में सामने आए एक मामले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से साइबर ठगों ने करीब 21 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। यह ग्वालियर में अब तक के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में से एक माना जा रहा है।
जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
भोपाल और इंदौर में भी बढ़ रहे मामले
साइबर ठगी का यह नेटवर्क अब केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं है। भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसी तरह के कई मामले सामने आए हैं।
एक मामले में व्हाट्सएप के जरिए डॉक्टर अखिलेश पटेल को प्रॉपर्टी बेचने का झांसा देकर 20.58 लाख रुपये ठग लिए गए। वहीं, एक महिला से करेंसी कन्वर्जन के नाम पर 1.72 लाख रुपये की ठगी की गई।
फेसबुक फ्रेंडशिप और ट्रेडिंग का झांसा
एक अन्य मामले में मुरार एन्क्लेव निवासी 75 वर्षीय कारोबारी की फेसबुक पर “शिवानी अग्रवाल” नाम की फर्जी प्रोफाइल से दोस्ती कराई गई। आरोपी ने खुद को ब्रिटेन निवासी बताकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया और विश्वास जीतने के बाद 1.41 करोड़ रुपये निवेश करा लिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर संपर्क खत्म कर दिया।
ऐसे जाल में फंसाते हैं साइबर ठग
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर अपराधी पहले दोस्ताना बातचीत कर पीड़ित का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद निवेश, ट्रेडिंग, प्रॉपर्टी, विदेशी करेंसी या अन्य योजनाओं में अधिक मुनाफे का लालच देकर बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं।
साइबर ठगी से कैसे बचें?
- अनजान व्यक्ति के निवेश संबंधी प्रस्ताव पर भरोसा न करें।
- सोशल मीडिया पर बनी नई दोस्ती के आधार पर पैसे निवेश न करें।
- किसी भी लिंक या ऐप को बिना जांच डाउनलोड न करें।
- बैंक खाते, OTP, PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
मुख्य बातें
- ग्वालियर में दो साल में महिलाओं के नाम और आवाज का इस्तेमाल कर 23 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी।
- एक CA से 21 करोड़ रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया।
- भोपाल और इंदौर में भी इसी तरह के कई साइबर फ्रॉड दर्ज।
- फेसबुक, व्हाट्सएप और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को बनाया जा रहा निशाना।
- पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और अनजान लोगों पर भरोसा न करने की अपील की।