राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। एसआईटी जांच में पता चला है कि पुलिस की ओर से कई बार ट्रस्ट के पदाधिकारियों को सलाह दी गई थी कि परिसर में एआई कैमरे लगवाए जाएं। इसके अलावा, कुछ चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की दखल बढ़ाई जाए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके। हालांकि, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन सिफारिशों पर ध्यान नहीं दिया। उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जिसका अंजाम करोड़ों रुपये की चोरी के रूप में सामने आया। यही वजह है कि यह मामला अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा
एसआईटी जांच में पता चला है कि पुलिस की ओर से कई बार ट्रस्ट के पदाधिकारियों को सलाह दी गई थी कि परिसर में एआई कैमरे लगवाए जाएं। इसके अलावा, कुछ चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की दखल बढ़ाई जाए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके।
हालांकि, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन सिफारिशों पर ध्यान नहीं दिया। उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जिसका अंजाम करोड़ों रुपये की चोरी के रूप में सामने आया।
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था
राम मंदिर देश के सबसे संवेदनशील मंदिरों में शामिल है। इसलिए पुलिस-प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हमेशा सतर्क रहता है। यही वजह है कि यहां सीआरपीएफ, एसएसएफ, पीएसी और पुलिस के साथ निजी सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं।
करीब ढाई हजार जवानों की तैनाती रहती है। एटीएस की भी एक टीम स्थायी रूप से मौजूद रहती है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने कुछ ऐसे स्थान चिह्नित किए थे, जो बेहद संवेदनशील हैं। वहां ट्रस्ट ने पुलिस की तैनाती नहीं की थी।
पुलिस की सिफारिशें और ट्रस्ट की लापरवाही
इसको लेकर पुलिस की ओर से सुझाव दिया गया था कि इन स्थानों पर पुलिस बल बढ़ाया जाए, जिससे बेहतर तरीके से निगरानी की जा सके। लेकिन पुलिस अधिकारियों की बात ट्रस्ट ने सिरे से खारिज कर दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी और पुलिस की जांच में ये तथ्य सामने आए हैं। पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों को कई बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुझाव दिए गए थे, लेकिन उन्होंने कभी भी गंभीरता से नहीं लिया।
मामले का आगे क्या होगा
अब यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों में आक्रोश है और सरकार से जवाब मांगा जा रहा है।
इस बीच, पुलिस और एसआईटी की जांच जारी है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।