वैभव के बाद अब आशीर्वाद की बारी, 10 साल के बल्लेबाज ने 168 रन ठोककर बिखेरी चमक

सूर्यवंशी परिवार से उभर रहा एक और क्रिकेट सितारा, छोटे भाई ने दिखाई बड़े सपनों की झलक

समस्तीपुर।

बिहार के समस्तीपुर की क्रिकेट पिच से एक बार फिर सूर्यवंशी परिवार चर्चा में है। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के बाद अब उनके 10 वर्षीय छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर ली हैं।

स्थानीय टूर्नामेंट में आशीर्वाद ने 119 गेंदों पर 168 रन की शानदार पारी खेलकर यह संकेत दे दिया है कि क्रिकेट प्रतिभा इस परिवार में विरासत बन चुकी है। आशीर्वाद सूर्यवंशी ने ऋषभ-11 की ओर से खेलते हुए वैशाली-11 के खिलाफ 168 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन के दम पर उनकी टीम ने मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की।

                                        (आशीर्वाद अपने बड़े भाई उज्जवल व वैभव संग)

लगातार दे रहे प्रतिभा के संकेत

यह पहला मौका नहीं है जब आशीर्वाद ने अपने खेल से प्रभावित किया हो। इसी महीने उन्होंने ताजपुर क्रिकेट अकादमी की ओर से खेलते हुए एक प्रैक्टिस मैच में 87 गेंदों पर 103 रन बनाए थे। लगातार बड़े स्कोर बता रहे हैं कि उनकी प्रतिभा महज संयोग नहीं, बल्कि मेहनत और तैयारी का परिणाम है।

पिता का सपना, दोनों बेटों पर भरोसा

                                             ( पिता सूरज सूर्यवंशी के साथ उनके तीनों बेटे)

आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी पहले ही कह चुके हैं कि वे अपने छोटे बेटे को भी बड़े भाई वैभव की तरह सफल क्रिकेटर बनाना चाहते हैं।

परिवार दोनों बेटों के क्रिकेट करियर को संवारने में पूरी ताकत लगा रहा है। पिछले शतक के बाद भी पिता ने सोशल मीडिया पर खुशी जताते हुए लोगों से आशीर्वाद को आशीर्वाद देने की अपील की थी।

बड़े भाई की राह पर छोटा भाई

आशीर्वाद दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि वैभव बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं।

इसके बावजूद दोनों की बल्लेबाजी शैली में काफी समानता दिखाई देती है।

आक्रामक अंदाज, बेहतरीन टाइमिंग और बड़े शॉट खेलने की क्षमता आशीर्वाद की पहचान बन रही है।

वैभव ने बनाया है बड़ा मंच

आशीर्वाद के बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी पहले ही भारतीय क्रिकेट में इतिहास रच चुके हैं।

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज तथा एशियन गेम्स टीम में चयन के साथ वे भारत के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए हैं।

अब छोटे भाई आशीर्वाद भी उसी राह पर तेजी से कदम बढ़ाते नजर आ रहे हैं।