रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कई बड़े कारोबारी और तकनीकी ऐलान किए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण घोषणा जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित IPO की रही। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है।
रिलायंस की योजना 27 करोड़ नए शेयर जारी कर करीब 4 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹37,700 करोड़ जुटाने की है। यदि यह इश्यू सफल रहता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
जियो IPO से जुड़ी प्रमुख बातें
IPO का आकार कितना बड़ा होगा?
- 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।
- अनुमानित फंड जुटाने का लक्ष्य ₹37,700 करोड़।
- भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड बनने की संभावना।
- DRHP सेबी के पास जमा किया जा चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद IPO वर्ष 2026 के अंत तक निवेशकों के लिए खुल सकता है।
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कहां होगा?
कंपनी के अनुसार IPO से प्राप्त धनराशि का बड़ा हिस्सा जियो के वित्तीय ढांचे को और मजबूत बनाने में लगाया जाएगा।
प्रमुख उपयोग
- कर्ज की पूर्व अदायगी (Pre-payment)
- 5G नेटवर्क विस्तार
- AI और डिजिटल तकनीकों में निवेश
- वैश्विक बाजारों में विस्तार
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
रिलायंस AGM में हुए 5 बड़े ऐलान
1. 2030 तक सभी ग्राहकों को 5G सेवा
जियो ने घोषणा की कि अगले कुछ वर्षों में पूरे देश में 5G नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सभी ग्राहकों को 5G सेवाओं से जोड़ना है।
2. भारतीय भाषाओं में AI प्लेटफॉर्म
जियो भारतीय भाषाओं के लिए विशेष AI मॉडल और सेवाएं विकसित कर रहा है, जिससे ग्रामीण और क्षेत्रीय उपयोगकर्ताओं को भी तकनीक का लाभ मिल सके।
3. हाई-स्पीड इंटरनेट का विस्तार
कंपनी Jio AirFiber और ब्रॉडबैंड सेवाओं का तेजी से विस्तार करेगी ताकि देश के अधिक से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंच सके।
4. तकनीक का वैश्विक निर्यात
रिलायंस अपनी 5G, AI और क्लाउड आधारित तकनीकों को विदेशों में निर्यात करने की रणनीति पर काम कर रही है।
5. 6G तकनीक पर रिसर्च
5G के बाद कंपनी भविष्य की 6G तकनीक के विकास में भी निवेश बढ़ाने जा रही है।
आकाश अंबानी ने बताए जियो के बड़े आंकड़े
रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है।
जियो के प्रमुख आंकड़े
- 52.4 करोड़ से अधिक मोबाइल ग्राहक
- 1.3 करोड़ से ज्यादा Jio AirFiber कनेक्शन
- भारत के इंटरनेट बाजार में लगभग 50% हिस्सेदारी
- सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं पर काम जारी
उन्होंने बताया कि कंपनी AI आधारित “Jio Teleframe” प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही है, जो एंटरप्राइज और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
मुंबई में बनेगी मेडिकल सिटी और विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी
AGM के दौरान रिलायंस फाउंडेशन ने सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा की।
प्रमुख परियोजनाएं
- मुंबई में “Coastal Garden” नामक अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी
- लगभग 410 एकड़ में विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी
- वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा शिक्षा के लिए “वनतारा यूनिवर्सिटी”
- आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं वाली मेडिकल सिटी
इन परियोजनाओं का उद्देश्य शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देना है।
जियो प्लेटफॉर्म्स में किन कंपनियों का निवेश?
जियो प्लेटफॉर्म्स में कई वैश्विक कंपनियों का निवेश है।
प्रमुख निवेशक
- रिलायंस इंडस्ट्रीज – 66% से अधिक हिस्सेदारी
- Google – लगभग 7.7%
- Meta – लगभग 10%
- KKR
- Silver Lake
- General Atlantic
इन निवेशकों का कुल निवेश 20 अरब डॉलर से अधिक बताया जाता है।
रिलायंस की वित्तीय स्थिति कैसी है?
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रिलायंस का शुद्ध लाभ 13% घटकर ₹16,971 करोड़ रहा। हालांकि कंपनी का कुल राजस्व 13% बढ़कर ₹2.98 लाख करोड़ पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि जियो IPO के बाद रिलायंस के डिजिटल कारोबार को अलग पहचान मिलेगी और निवेशकों को नई निवेश संभावनाएं मिलेंगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक साबित हो सकता है। 5G, AI, सैटेलाइट इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ रिलायंस टेक्नोलॉजी क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है। वहीं मेडिकल सिटी, वनतारा यूनिवर्सिटी और कोस्टल गार्डन जैसी परियोजनाएं कंपनी के सामाजिक निवेश को भी नई दिशा देंगी।