200 करोड़ की महाकाव्य फिल्म ‘तख्त’ क्यों डिब्बाबंद? रणवीर सिंह‑आलिया भट्ट की परियोजना पर खुलासा

200 करोड़ बजट वाली रणवीर सिंह की 'तख्त' फिल्म कोविड, कास्ट शेड्यूल और इतिहास‑आधारित स्क्रिप्ट की जटिलताओं से डिब्बाबंद, माहिर पांधी ने खुलासा।

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को‑स्टार माहिर पांधी ने बताया कोविड, कास्ट शेड्यूल और इतिहास‑आधारित स्क्रिप्ट की जटिलताओं ने कैसे रोक दी थी फिल्म को

जब 2020 में करण जौहर ने अपने पिता यश जौहर के सपने को साकार करने की घोषणा की, तो ‘तख्त’ को 200 करोड़ रुपये के बजट के साथ एक महाकाव्य ऐतिहासिक ड्रामा के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इस प्रोजेक्ट में रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, करीना कपूर खान, अनिल कपूर और विक्की कौशल जैसी दिग्गज हस्तियों को जोड़ने की योजना थी, जिससे यह बॉलीवुड की सबसे अधिक प्रतीक्षित फ़िल्म बन गई। लेकिन अचानक आई कोविड‑19 महामारी ने शुटिंग शेड्यूल को पूरी तरह बाधित कर दिया, जिससे कास्ट की उपलब्धता और वित्तीय मॉडल दोनों पर प्रश्न उठे। को‑स्टार माहिर पांधी ने मिड‑डे के साथ खुलासा किया कि इतिहास पर आधारित स्क्रिप्ट को बदलना संभव नहीं था, और दर्शकों की बदलती पसंद ने भी प्रोजेक्ट को और जटिल बना दिया। अब छह साल बीत चुके हैं, और ‘तख्त’ अभी भी डिब्बाबंद ही है, जबकि उद्योग में इसके पुनरुद्धार की उम्मीदें धीरे‑धीरे धुंधली होती जा रही हैं।

को‑स्टार माहिर पांधी ने बताया डिब्बाबंद होने का मुख्य कारण

कोविड‑19 का प्रोडक्शन शेड्यूल पर प्रभाव

2020 की शुरुआत में जब भारत में कोविड‑19 के केस तेज़ी से बढ़े, तो फिल्म निर्माण की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। ‘तख्त’ की शुटिंग अभी प्री‑प्रोडक्शन चरण में थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण सेट पर कोई काम नहीं हो सका, जिससे बजट का बड़ा हिस्सा फ्रीज़ हो गया। इस अनपेक्षित रुकावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया और वित्तीय प्रवाह में खलल पैदा हुआ।

बड़ी कास्ट को एक साथ लाने की असंभवता

रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, करीना कपूर खान, अनिल कपूर और विक्की कौशल जैसे सितारों के शेड्यूल पहले से ही व्यस्त थे। महामारी के बाद भी उनके प्रोजेक्ट्स में बदलाव आया, जिससे सभी को एक ही समय पर बुक करना लगभग असंभव हो गया। माहिर पांधी ने बताया कि दो साल बाद भी पूरी कास्ट को एक साथ लाना नामुमकिन माना गया, जिससे फिल्म का निर्माण फिर से शुरू करना व्यावहारिक नहीं रहा।

इतिहास‑आधारित स्क्रिप्ट की सीमाएँ और रचनात्मक चुनौतियाँ

इतिहास के तथ्य बदलना नहीं हो सकता

यश जौहर का सपना था कि ‘तख्त’ एक सच्ची ऐतिहासिक कथा पर आधारित हो, जिसमें वास्तविक घटनाओं और पात्रों को सटीक रूप से दर्शाया जाए। इस कारण स्क्रिप्ट में कई बार संशोधन की अनुमति नहीं थी, क्योंकि इतिहास के तथ्यों को बदलने से फिल्म की विश्वसनीयता पर सवाल उठते। यह रचनात्मक प्रतिबंध प्रोडक्शन टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गया।

स्क्रीनप्ले लेखक सुमित रॉय की भूमिका और चुनौतियाँ

सुमित रॉय ने इस प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत शोध के बाद एक जटिल स्क्रीनप्ले तैयार किया, जिसे कई इतिहासकारों ने सराहा। लेकिन जब महामारी ने शुटिंग को रोक दिया, तो रॉय को फिर से लिखने की आवश्यकता पड़ी, क्योंकि दर्शकों की अपेक्षाएँ और बाजार की स्थिति बदल चुकी थी। इस पुनर्लेखन की प्रक्रिया ने भी बजट और समयसीमा पर अतिरिक्त दबाव डाला।

फिल्म के वित्तीय आँकड़े और बजट विश्लेषण

200 करोड़ रुपये का बजट भारतीय फिल्म उद्योग में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है, विशेषकर एक ऐतिहासिक ड्रामा के लिए जहाँ सेट, कॉस्ट्यूम और VFX पर भारी खर्च होता है। इस प्रोजेक्ट ने निवेशकों को बड़े रिटर्न की आशा दिलाई थी, लेकिन अनपेक्षित बाधाओं ने वित्तीय मॉडल को अस्थिर कर दिया।

  • बजट अनुमान: कुल 200 करोड़ रुपये, जिसमें 70% उत्पादन लागत, 20% मार्केटिंग और 10% अप्रत्याशित खर्च शामिल था।
  • निवेशकों की प्रतिक्रिया: प्रारंभिक फंडिंग में प्रमुख प्रोडक्शन हाउस और निजी निवेशकों ने 60% भागीदारी सुनिश्चित की, लेकिन लॉकडाउन के बाद कई निवेशकों ने अपने हिस्से को पुनः मूल्यांकन किया।
  • संभावित राजस्व: अनुमानित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 350‑400 करोड़ रुपये था, जिससे 150‑200 करोड़ का शुद्ध लाभ अपेक्षित था, लेकिन अब यह अनुमान केवल सैद्धांतिक ही रह गया है।

भविष्य की संभावनाएँ और उद्योग की प्रतिक्रिया

जनमत और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

फिल्म के डिब्बाबंद होने की खबर ने सोशल मीडिया पर तीव्र चर्चा को जन्म दिया। कई फैंस ने #TakhtComeBack हैशटैग के साथ पुनः निर्माण की मांग की, जबकि कुछ ने फिल्म की ऐतिहासिक महत्व को लेकर समर्थन व्यक्त किया। उद्योग के विश्लेषकों ने कहा कि यदि सही समय पर पुनः लॉन्च किया जाए तो यह फिर से ट्रेंड बन सकता है।

फिर से प्रोजेक्ट को जीवित करने की रणनीतियाँ

कई प्रोडक्शन कंपनियाँ अब वैकल्पिक फाइनेंसिंग मॉडल, जैसे कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के साथ सह-निर्माण, और छोटे‑छोटे शॉट्स को पहले से ही वर्चुअल प्रोडक्शन तकनीक से बनाकर लागत कम करने की योजना बना रही हैं। माहिर पांधी ने संकेत दिया कि यदि स्क्रिप्ट को आधुनिक दर्शकों के अनुसार री‑डिज़ाइन किया जाए, तो ‘तख्त’ को फिर से स्टूडियो फ़्लोर पर लाया जा सकता है।