हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को डरा दिया। रात करीब 10:04 बजे कांगड़ा, चंबा, धर्मशाला, पालमपुर, बैजनाथ और मंडी सहित कई इलाकों में धरती कांपने लगी। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई, जिसके चलते लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप का केंद्र कांगड़ा और चंबा जिले की सीमा के पास धर्मशाला क्षेत्र में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। कम गहराई में आए भूकंप का असर अधिक महसूस होता है, इसलिए इसका प्रभाव दूर-दूर तक दर्ज किया गया।
कांगड़ा, चंबा और धर्मशाला में सबसे ज्यादा असर
भूकंप के झटके हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में महसूस किए गए। विशेष रूप से कांगड़ा, धर्मशाला, पालमपुर, बैजनाथ, चंबा और मंडी के लोगों ने तेज कंपन महसूस किया।
प्रभावित प्रमुख क्षेत्र
- कांगड़ा
- धर्मशाला
- चंबा
- पालमपुर
- बैजनाथ
- मंडी
- आसपास के पर्वतीय इलाके
कुछ रिपोर्टों के अनुसार पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी हल्के झटके महसूस किए गए।
लोगों में दहशत, लेकिन नुकसान की सूचना नहीं
भूकंप के बाद लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। कई स्थानों पर लोग देर रात तक खुले स्थानों में खड़े रहे। हालांकि प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार देर रात तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली थी।
भूकंप के बाद की स्थिति
- लोग घरों और भवनों से बाहर निकले।
- प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी।
- किसी बड़ी क्षति की पुष्टि नहीं।
- आफ्टरशॉक की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।
क्यों संवेदनशील है कांगड़ा क्षेत्र?
कांगड़ा जिला देश के सबसे भूकंप-संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। यह क्षेत्र भूकंपीय जोन-5 में आता है, जिसे उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है।
1905 का विनाशकारी कांगड़ा भूकंप
- तीव्रता: 7.8 रिक्टर स्केल
- लगभग 20,000 लोगों की मौत
- हजारों इमारतें ध्वस्त
- भारतीय इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में शामिल
इसी वजह से क्षेत्र में आने वाला हर मध्यम या बड़ा भूकंप लोगों की चिंता बढ़ा देता है।
विशेषज्ञों की क्या है राय?
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार 5 किलोमीटर जैसी कम गहराई पर आने वाले भूकंप अधिक प्रभावी महसूस होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश में अधिकांश भूकंप 2 से 4 रिक्टर स्केल के बीच दर्ज किए गए हैं, जबकि इस बार की तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक रही।
हिमाचल प्रदेश में आए 5.0 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर पहाड़ी राज्य की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
















