राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में शनिवार को मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला कि दोपहर में ही रात जैसा नजारा बन गया।
चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर (Photo)और सीकर जिलों में उठे भीषण रेतीले तूफान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
तेज हवाओं के साथ उठी धूल की मोटी परत ने आसमान को ढंक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की ओर से उठा धूलभरा तूफान राजस्थान के सीमावर्ती जिलों तक पहुंचा।
60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के कारण लोगों को दिन में ही वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी।
कई स्थानों पर रेत के विशाल बवंडर दिखाई दिए, जबकि लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए।
श्रीगंगानगर में सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई आंधी ने पूरे शहर को धूल की चादर में लपेट लिया।
चूरू, बीकानेर और सीकर के फतेहपुर-लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्षों में इतना घना रेतीला तूफान नहीं देखा।
मध्य प्रदेश में भी मौसम ने ली करवट
राजस्थान से सटे मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल, मालवा और बुंदेलखंड अंचल में भी मौसम का असर दिखाई दिया। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश की संभावना बनी रही।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम सामान्य रहेगा।
कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड में भी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। वहीं बिहार में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून पर भी चिंता के बादल
मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून अगले एक सप्ताह में केरल पहुंच सकता है, लेकिन इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई गई है।
जून से सितंबर के बीच देश में औसत से कम वर्षा होने का पूर्वानुमान है, जिससे वर्षा आधारित खेती वाले क्षेत्रों की चिंता बढ़ सकती है।