जबलपुर।
जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार को हुए भीषण क्रूज हादसे ने 11 लोगों की जान ले ली, जबकि 2 लोग अब भी लापता हैं।
हादसे के बाद से NDRF और सेना की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इस त्रासदी के बीच अब एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘लापरवाही’ का पुराना वीडियो वायरल
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है। यह वीडियो 10 अप्रैल का बताया जा रहा है।
जब बरगी डैम में उसी क्रूज पर जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी।
इस बैठक का खूब प्रचार-प्रसार भी हुआ। जो तस्वीरें सामने आईं,उससे इस तरह के जोखिम को लेकर आम पर्यटक का हौसला बढ़ा।
इस तरह बरगी हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और नियमों की अनदेखी का आईना बन गया।
बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में डूबने से 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना के लिए पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी को जिम्मेदार बताते हुए भोपाल में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को शव यात्रा निकाली।
जवाहर बाल भवन से जैसे ही युवा कांग्रेस कार्यकर्ता आगे बढ़े, पुलिस ने प्रकाश तरण पुष्कर के सामने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। हालांकि, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं माने और धक्का-मुक्की करने लगे।
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमित खत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार के नेतृत्व में निकाली गई शव यात्रा में प्रतीकात्मक तौर पर 11 अर्थियां शामिल की गईं।
क्या टाला जा सकता था हादसा?
सबसे अहम सवाल यही उठ रहा है कि जब खुद जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
तब आम नागरिकों की सुरक्षा कितनी गंभीरता से ली जा रही थी? क्या यह लापरवाही ही आगे चलकर इस बड़े हादसे की वजह बनी?
सियासी प्रतिक्रियाएं तेज
बता दें कि तीन दिन पहले यह दर्दनाक हादसा हुआ। इस पर पीएम नरेंद्र मोदी,कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शोक व्यक्त किया।
इनके अलावा अन्य कई नेताओं ने भी अपनी संवेदनाएं जताईं। वहीं, अब विपक्ष प्रशासनिक जवाबदेही और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठा रहा है।