भोपाल(Janprachar.com)। राजधानी भोपाल में बने करीब 2.73 किमी.लंबा ओवर ब्रिज गुरुवार को लोकार्पित किया गया। शहर के गायत्री मंदिर से हबीबगंज नाका स्थित गणेश मंदिर तक बने इस ब्रिज का उद्धाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया।
उन्होंने इसका नाम जी-जी ब्रिज से बदलकर अंबेडकर ब्रिज भी कर दिया। वहीं, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा, ये एमपी का अब तक का सबसे लंबा फ्लाईओवर है।
सीएम डॉ. मोहन ने कहा, कांग्रेस ने बाबा साहब के साथ अन्याय किया। बीजेपी ने अंबेडकर जी से जुड़े सभी स्थानों को पवित्रधाम बनाने का काम किया है।
अब इस ब्रिज का नाम अंबेडकर जी के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनकी यादें और योगदान हमेशा जीवित रहें।
लालच में निकाल रहे यात्रा
दरअसल, कांग्रेस 27 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में जय भीम, जय बापू, जय संविधान रैली करने जा रही है।
इस पर सीएम ने कहा, कांग्रेस के लोग वोट के लालच में मध्यप्रदेश में आकर महू से यात्रा निकालने का सपना देख रहे हैं।
पहले वे अपने पुराने पापों का हिसाब रख लें। अंबेडकर के साथ कांग्रेस ने अन्याय किया। वे लोकसभा चुनाव लड़ने गए तो उन्हें हरवा दिया।
अंबेडकर जी को जीते जी कोई पुरस्कार नहीं दिया, उन्हें हरवाने वाले को पद्म विभूषण किया। यह कांग्रेस का काला कारनामा है।
खुली जीप में ब्रिज से गुजरे सीएम
सीएम डॉ. मोहन का काफिला मैदा मिल वाले आर्म से ब्रिज पर चढ़ा और डीबी मॉल के सामने से टर्न लेकर भोपाल हाट वाले आर्म पर उतरा। सीएम खुली जीप में सवार थे।
इस ब्रिज से एमपी नगर का 60 प्रतिशत ट्रैफिक यानी 6 हजार गाड़ियां हर दिन गुजरेंगी। करीब पौने 3 किमी दूरी तय करने में अब 5 मिनट का समय लगेगा।
पहले सड़क मार्ग पर दो ट्रैफिक सिग्नल और चौराहों पर जाम की वजह से ये दूरी तय करने में 30 मिनट से अधिक लग जाते थे।
सीएम ने की ये घोषणाएं…
* सीएम ने फ्लाईओवर का नाम डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ब्रिज रखा।
* भोपाल में बावड़िया कला में 180 करोड़ से फ्लाईओवर बनेगा।
* भोपाल, रायसेन, विदिशा और सीहोर को जोड़कर राजधानी की वृहद योजना ला रहे हैं।
* एमपी में पुल, पुलिया और सड़कों के लिए गुजरात मॉडल लागू करेंगे।