मुख्यमंत्री से लेकर आमजन तक जुटे हैं पर्यावरण-संरक्षण में

अंकुर कार्यक्रम में 37 लाख से अधिक पौधे रोपे

भोपाल

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती से निपटने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 19 फरवरी 2021 से प्रतिदिन पौध-रोपण कर रहे हैं। चौहान दुनिया के किसी भी हिस्से में रहे, उनका संकल्प एक दिन के लिये भी अब तक नहीं टूटा है।

जैसा राज, वैसी प्रजा

मुख्यमंत्री चौहान ने पौध-रोपण की इस मुहिम में प्रदेशवासियों को भी जोड़ा। विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2021 से प्रदेश में ''अंकुर कार्यक्रम'' आरंभ किया। ''वायुदूत एप'' से संचालित कार्यक्रम में अब तक प्रदेश के 15 लाख 87 हजार 674 नागरिकों ने पंजीयन कराया है। प्रतिभागियों द्वारा 36 लाख 94 हजार 569 पौध-रोपण कर फोटो अपलोड की जा चुकी है। सभी जिलों में व्यापक स्तर पर नागरिकों ने पौध-रोपण कार्यक्रम में रुचि दिखाई है।

एप पर हो रही है पौधों की फोटो अपलोड

अंकुर कार्यक्रम में लोगों की आसान सहभागिता के लिये मोबाइल एप-वायुदूत (अंकुर) गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर पर उपलब्ध है। प्रतिभागी अपने संसाधन से कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी फोटो वायुदूत एप से अपलोड करते हैं। नागरिकों के प्रोत्साहन के लिये पौध-रोपण के 30 दिन बाद लगाये गये उसी पौधे की नई फोटो एप पर अपलोड कर सहभागिता प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है। रोपित पौधे की देखभाल के लिये लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से पौध-रोपण के 6 माह बाद तीसरा फोटो एप पर अपलोड करने की भी सुविधा है। जिलेवार कम्प्यूटर लॉटरी द्वारा चयनित और सत्यापित शहरी एवं ग्रामीण प्रतिभागियों को वृक्ष-वीर और वृक्ष-वीरांगना की उपाधि देकर प्राणवायु अवार्ड से सम्मानित करने का प्रावधान है।

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महा पौध-रोपण बना जन-आंदोलन

कार्यक्रम में एक से 5 मार्च 2022 और 28 जुलाई से 15 अगस्त 2022 तक पौध-रोपण महा अभियान चलाया गया। प्रथम पौध-रोपण महा अभियान में 8 लाख 97 हजार 590 लोगों ने पौध-रोपण कर फोटो अपलोड किये। जुलाई-अगस्त में हुए दूसरे महा अभियान में यह आँकड़ा लगभग दोगुना 17 लाख 28 हजार 77 हो चुका था। दोनों अभियान में नागरिक, विद्यार्थी, शासकीय विभाग, स्वैच्छिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के पौध-रोपण संकल्प को एक महा अभियान में बदल दिया है।

कोरोना ने दिलाया ऑक्सीजन की महत्ता का अहसास

कोरोना की दूसरी लहर में प्रकृति प्रदत्त प्राणवायु ऑक्सीजन के अमूल्य उपहार का विश्व को बड़ी शिद्दत से अहसास हुआ। मुख्यमंत्री द्वारा आरंभ, अंकुर कार्यक्रम प्रदेश के हरित आवरण में वृद्धि के साथ वातावरण को प्राणवायु ऑक्सीजन से भी समृद्ध कर रहा है, जो आने वाली पीढ़ी के लिये एक अनुपम भेंट है।

प्राणवायु अवार्ड से 1175 प्रतिभागी सम्मानित

अंकुर कार्यक्रम के प्रथम चरण में 15 फरवरी 2022 तक द्वितीय एवं तृतीय फोटो अपलोड करने वाले प्रतिभागियों में कम्प्यूटर लॉटरी द्वारा जिलेवार चयनित तथा सत्यापित 1175 प्रतिभागियों को प्राणवायु अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। अभियान में किये गये पौध-रोपण की जियो-टेग्ड लोकेशन चिन्हित करने और सत्यापन के लिये मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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