बस्तर में बोले PM मोदी-बंदूकें शांत हुईं,चुनौती अब विचारधारा की,जवानों के बीच मनाई दिवाली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के करनपुर CRPF कैंप में जवानों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सफलता की सराहना करते हुए वैचारिक चुनौती से निपटने पर जोर दिया।

करनपुर (बस्तर)।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में इस बार दीपावली का उत्सव सुरक्षा बलों के जवानों के नाम रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को करनपुर स्थित CRPF कैंप पहुंचे।

उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाई और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में उनके योगदान की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलियों का प्रभाव खत्म हुआ है, लेकिन चुनौती अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई।

अब उन विचारों और संगठनों की पहचान करनी होगी, जो लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ लोगों को भड़काते हैं।

मोदी ने अपने संबोधन में इसे बस्तर के बदलाव का महत्वपूर्ण दौर बताया।

उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी नक्सलवाद का डर था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं।

13वीं बार जवानों के साथ मनाई दिवाली

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद से जवानों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा जारी रखी है।

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इस बार उनका बस्तर पहुंचना खास रहा।

इससे पहले वे अलग-अलग सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों के बीच त्योहार मनाते रहे हैं।

इस बार उन्होंने बस्तर के उन जवानों के साथ समय बिताया, जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री ने जवानों से मुलाकात की और उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं।

मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें

1. नक्सलवाद का डर खत्म, पहली बार बदला बस्तर का माहौल

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की दिवाली खास है।

देश में नक्सलवाद के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में अब शांति और विकास की नई उम्मीद बनी है।

दशकों से हिंसा का सामना कर रहे करोड़ों लोगों को राहत मिली है।

2. CRPF ने बनाया सुरक्षा का नया रिकॉर्ड

मोदी ने CRPF के पिछले 12 महीनों के रिकॉर्ड की सराहना की।

इस अवधि में अभियान के दौरान CRPF का कोई जवान शहीद नहीं हुआ।

उन्होंने इसे बेहतर रणनीति, आधुनिक उपकरणों और जवानों के साहस का परिणाम बताया।

3. पिछली सरकारों पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने 2004 से 2013 के आंकड़ों का हवाला दिया।

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि उस दौर में हर साल नक्सलियों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षा जवान शहीद हुए।

उनके मुताबिक, पिछली सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी समस्या मान लिया था, जिसका समाधान संभव नहीं है।

4. अब वैचारिक स्तर पर चुनौती से निपटना होगा

मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सलियों का प्रभाव कमजोर हुआ है, लेकिन वैचारिक स्तर पर चुनौती बाकी है।

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उन्होंने ऐसे संगठनों और विचारों की पहचान करने की जरूरत बताई, जो

लोगों को संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ भड़काते हैं।

उन्होंने आंतरिक सुरक्षा को देश की एकता और अखंडता के लिए जरूरी बताया।

उनका कहना था कि जब देश की अंदरूनी सुरक्षा मजबूत होती है, तब बाहरी दुश्मनों को भी सफलता नहीं मिलती।

5. 50 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा

प्रधानमंत्री ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं।

उन्होंने इसका श्रेय आवास, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को दिया।

CRPF जवानों को बताया अपना परिवार

प्रधानमंत्री ने जवानों से कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिकों की ओर से वह उनके योगदान को सलाम करने आए हैं।

उन्होंने कहा कि हर जवान उनका परिवार है।

मोदी ने नक्सल विरोधी अभियान में जवानों के साहस, त्याग और समर्पण की सराहना की।

PM ने यह भी कहा कि सरकार ने जवानों को अभियान के दौरान जरूरी फैसले लेने की स्वतंत्रता दी, जिससे कार्रवाई को गति मिली।

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