Delhi Pollution: दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई जहरीली, पंजाबी बाग में AQI 450; 11 इलाकों में गंभीर स्तर

दिवाली की सुबह दिल्ली के 11 इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचा। पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा 450 AQI दर्ज किया गया।

नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। दिवाली के दिन रविवार, 8 नवंबर की सुबह राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सुबह 6 बजे के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाबी बाग में AQI 450 दर्ज किया गया। आरके पुरम में यह 449 और द्वारका में 444 रहा। दिल्ली के 11 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।

दिल्ली का औसत AQI 384 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर शहर के औसत से काफी ज्यादा रहा। ऐसे में राजधानी के कई हिस्सों में लोगों को जहरीली हवा में सांस लेने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

पंजाबी बाग में AQI 450, इन इलाकों में भी हालात गंभीर

CPCB के सुबह 6 बजे के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा प्रदूषण पंजाबी बाग में रहा।

प्रमुख इलाकों का AQI इस प्रकार रहा:

इलाका AQI
पंजाबी बाग 450
आरके पुरम 449
IIT दिल्ली 446
द्वारका 444
CRRI मथुरा रोड 425
सिरीफोर्ट 423
नॉर्थ कैंपस, दिल्ली यूनिवर्सिटी 423
चांदनी चौक 417
पूसा 415
बुराड़ी क्रॉसिंग 411
NSUT जाफरपुर 409

इन सभी इलाकों में AQI 400 से ऊपर रहा। CPCB के वर्गीकरण के अनुसार, 401 से 500 के बीच AQI को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।

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दिल्ली के बाकी इलाकों में भी हवा बेहद खराब

राजधानी के जिन इलाकों में AQI 400 से नीचे रहा, वहां भी हवा की गुणवत्ता अच्छी नहीं थी। नरेला में AQI 399, ITO में 396 और मंदिर मार्ग में 393 दर्ज किया गया।

इसके अलावा उत्तम नगर में 373, बुराड़ी में 370, तालकटोरा गार्डन और आया नगर में 369, वसुंधरा एन्क्लेव में 356 और लोधी रोड में 333 AQI दर्ज किया गया।

इसका मतलब है कि दिल्ली के कई इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। ऐसे प्रदूषण में लंबे समय तक रहने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।

GRAP-3 लागू होने के बावजूद प्रदूषण पर चिंता

दिल्ली-NCR में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को लागू किया था।

यह फैसला प्रदूषण के पूर्वानुमान और हवा की गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया। GRAP-3 लागू होने के बावजूद रविवार सुबह कई इलाकों में AQI 400 के पार रहा।

GRAP-3 के तहत क्या-क्या पाबंदियां हैं?

  • धूल पैदा करने वाले गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक।
  • स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध।
  • दिल्ली और आसपास के प्रभावित NCR जिलों में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल के कुछ चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध।
  • कुछ श्रेणियों के डीजल मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर पाबंदियां।
  • पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड मोड में पढ़ाई का विकल्प।
  • सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने पर विचार करने का प्रावधान।
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ये पाबंदियां प्रदूषण के स्रोतों को कम करने और हवा की गुणवत्ता में और गिरावट रोकने के लिए लागू की गई हैं।

मौसम और दिवाली के कारण बढ़ सकती है परेशानी

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां, हवा की कम रफ्तार और कम वेंटिलेशन के कारण प्रदूषक वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं।

इसके अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां, औद्योगिक उत्सर्जन और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी प्रदूषण में योगदान करती हैं।

दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं पहले से मौजूद प्रदूषण को और बढ़ा सकता है। ऐसे में विशेषज्ञों और अधिकारियों की चिंता है कि हवा की गुणवत्ता में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो लोगों को और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

जहरीली हवा से किन लोगों को ज्यादा खतरा?

गंभीर श्रेणी का AQI सभी के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, कुछ लोगों पर इसका असर अधिक हो सकता है।

  • बच्चे: उनके फेफड़े विकसित हो रहे होते हैं, इसलिए प्रदूषण का असर अधिक हो सकता है।
  • बुजुर्ग: सांस और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
  • अस्थमा और सांस के मरीज: खांसी, सांस फूलने और घरघराहट जैसी परेशानी बढ़ सकती है।
  • हृदय रोगी: लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकता है।
  • गर्भवती महिलाएं: वायु प्रदूषण के लंबे संपर्क को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रदूषण अधिक होने पर बाहर की गतिविधियां सीमित रखें। खासकर सुबह और शाम के समय खुले में व्यायाम करने से बचें।

  • जरूरत न होने पर घर से बाहर निकलने से बचें।
  • बाहर जाते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 या समकक्ष मास्क इस्तेमाल करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण के अधिक संपर्क से बचाएं।
  • अस्थमा या सांस की बीमारी वाले मरीज अपनी निर्धारित दवाएं और इनहेलर साथ रखें।
  • आंखों में जलन, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
  • घर के अंदर धूम्रपान, अगरबत्ती और अन्य धुआं पैदा करने वाली चीजों का इस्तेमाल कम करें।

क्या दिल्ली-NCR में प्रदूषण से जल्द राहत मिलेगी?

दिल्ली की हवा में सुधार काफी हद तक मौसम की परिस्थितियों, हवा की गति और प्रदूषण के स्रोतों पर निर्भर करेगा। GRAP-3 की पाबंदियां लागू हैं, लेकिन रविवार सुबह के आंकड़े बताते हैं कि कई इलाकों में प्रदूषण अभी भी गंभीर स्तर पर है।

दिवाली के दौरान पटाखों और मौसम की स्थिति के कारण प्रदूषण बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में CPCB के AQI आंकड़ों और CAQM के फैसलों पर नजर रहेगी।