Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, कई इलाकों में AQI 700 पार; 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का संकट गहरा गया है। गाजियाबाद के कई इलाकों में AQI 700 के पार दर्ज हुआ। दिल्ली में हल्की धुंध के बीच 20 नवंबर तक निर्माण गतिविधियों पर रोक लागू है।

दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। राजधानी के साथ-साथ गाजियाबाद और नोएडा की हवा भी बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 600 से ऊपर दर्ज किया गया है, जबकि गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में यह आंकड़ा 713 तक पहुंच गया। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-NCR में 5 नवंबर से 20 नवंबर तक धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक लगाई गई है।

इस बीच मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। सुबह के समय धुंध और स्मॉग के कारण दृश्यता प्रभावित हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 नवंबर को दिल्ली में न्यूनतम तापमान करीब 16 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान था। सुबह के समय हल्का कोहरा भी छा सकता है।

दिल्ली में मौसम कैसा रहेगा?

5 नवंबर को दिल्ली में सुबह के समय हल्की धुंध और प्रदूषण के कारण आसमान धुंधला रहने की संभावना जताई गई। दिन में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का पूर्वानुमान था। IMD के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

सुबह और शाम के समय प्रदूषण का असर अधिक महसूस हो सकता है। स्मॉग के कारण कुछ इलाकों में दृश्यता कम रहने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में सुबह जल्दी बाहर निकलने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिल्ली के इन इलाकों में AQI 600 के पार

जागरण की 5 नवंबर की रिपोर्ट में दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद ऊंचा बताया गया। रिपोर्ट में दर्ज प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

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इलाका रिपोर्ट में दर्ज AQI
सोनिया विहार 662
विवेक विहार 660
आनंद विहार 637
पुथ खुर्द 629
पर्यटन विहार 553
नई दिल्ली (शहर) 552
रविंद्र नगर 533
झंडेवालान 521
खेरा डाबर 516
आरके पुरम 489
नवजीवन विहार 487

इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा था। हालांकि, AQI 500 से ऊपर के आंकड़ों को लेकर यह समझना जरूरी है कि भारत के CPCB के सामान्य AQI पैमाने की अधिकतम सीमा 500 है। इसलिए 500 से ऊपर के आंकड़ों को संबंधित मॉनिटरिंग स्रोत और उसकी मापन पद्धति के संदर्भ में देखना चाहिए।

गाजियाबाद में सबसे ज्यादा खराब स्थिति, AQI 713 तक पहुंचा

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर बताई गई। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, शहर का समग्र AQI 704 दर्ज किया गया। राज नगर एक्सटेंशन में यह 713 और संजय नगर में 711 तक पहुंचा।

गाजियाबाद के प्रमुख इलाकों के आंकड़े:

इलाका रिपोर्ट में दर्ज AQI
राज नगर एक्सटेंशन 713
संजय नगर 711
नसबंदी कॉलोनी 698
मोहन नगर 693
इंद्रपुरी लोनी देहात 682
सूर्य नगर 676
साहिबाबाद 668
न्याय खंड-1 631
इंदिरापुरम 625
सेक्टर 62A 624

इन आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में थी। खासकर राज नगर एक्सटेंशन, संजय नगर और मोहन नगर जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर चिंता बढ़ाने वाला रहा।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी हवा बेहद खराब

दिल्ली और गाजियाबाद के साथ नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण का असर दिखाई दिया। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा का समग्र AQI 636 दर्ज किया गया।

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प्रमुख इलाकों के आंकड़े इस प्रकार रहे:

इलाका रिपोर्ट में दर्ज AQI
नॉलेज पार्क-V, ग्रेटर नोएडा 675
सेक्टर-128, नोएडा 641
नॉलेज पार्क-II, ग्रेटर नोएडा 624
सेक्टर-78, ग्रेटर नोएडा 616
ओमिक्रॉन-1A, ग्रेटर नोएडा 616
सेक्टर-100, नोएडा 583
सेक्टर-52, नोएडा 569
सेक्टर-29 और सेक्टर-36 568
सेक्टर-94, नोएडा 557

इससे साफ है कि प्रदूषण की समस्या केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को प्रभावित कर रही है।

20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-NCR में 5 नवंबर से 20 नवंबर तक धूल और प्रदूषण पैदा करने वाले निर्माण तथा तोड़फोड़ के काम पर रोक लगाई गई है। इसका असर कई निर्माण और विकास परियोजनाओं पर पड़ सकता है।

हालांकि, यह प्रतिबंध सभी परियोजनाओं पर समान रूप से लागू नहीं है। अस्पतालों से जुड़े निर्माण कार्यों के अलावा मेट्रो, रेलवे, हवाई अड्डे, अंतरराज्यीय बस अड्डे, जलापूर्ति, स्वच्छता और राष्ट्रीय महत्व की कुछ परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के तहत छूट दी गई है।

इस कदम का मकसद निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और मलबे के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करना है।

सुबह और शाम स्मॉग से विजिबिलिटी प्रभावित

प्रदूषण बढ़ने के साथ दिल्ली में सुबह के समय स्मॉग की स्थिति भी देखने को मिली। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 नवंबर को दृश्यता औसतन 3.5 से 4 किलोमीटर के आसपास दर्ज की गई। कुछ अधिक प्रदूषित इलाकों में सुबह के समय दृश्यता इससे भी कम हो सकती थी।

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स्मॉग और धुंध के कारण सड़क पर वाहन चलाने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर हाईवे और खुले रास्तों पर सुबह के समय वाहन चलाते हुए गति नियंत्रित रखना जरूरी है।

प्रदूषण से बचने के लिए क्या सावधानी रखें?

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब रहने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

  • प्रदूषण अधिक होने पर सुबह और देर शाम बाहर व्यायाम करने से बचें।
  • बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से प्रदूषित इलाकों में न ले जाएं।
  • घर में खिड़कियां और दरवाजे जरूरत के अनुसार बंद रखें।
  • संभव हो तो घर के अंदर HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें।
  • सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या लगातार खांसी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण से राहत कब मिलेगी?

दिल्ली-NCR में प्रदूषण की समस्या से राहत मौसम की परिस्थितियों और प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण, दोनों पर निर्भर करेगी। हवा की गति, तापमान, नमी और स्थानीय उत्सर्जन प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करते हैं। निर्माण स्थलों पर रोक, सड़क की सफाई, पानी का छिड़काव और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण जैसे कदम जरूरी हैं।

फिलहाल 20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर लागू प्रतिबंध के साथ प्रशासन की निगरानी अहम होगी। लोगों को भी प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचना होगा, ताकि राजधानी और आसपास के शहरों की हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।