लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने चुनाव परिणामों को बीजेपी के लिए ‘डबल इंजन की डबल हार’ बताते हुए कहा कि इन नतीजों ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की भूमिका तैयार कर दी है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी और मतदाताओं, खासकर शिक्षकों तथा युवाओं का आभार जताया। उन्होंने बीजेपी की शिक्षा और शिक्षक नीतियों पर भी सवाल उठाए।
UP MLC Election Result 2026: बीजेपी को 6 और सपा को मिलीं 5 सीटें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में बीजेपी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी को 5 सीटें मिलीं।
चुनाव में सपा ने वाराणसी की दोनों सीटों सहित कई महत्वपूर्ण सीटों पर जीत हासिल की। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा विजयी हुए, जबकि लखनऊ स्नातक सीट पर कांती सिंह ने जीत दर्ज की।
चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था और मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई थी।
अखिलेश यादव ने क्यों कहा- डबल इंजन की डबल हार?
अखिलेश यादव ने अपने बयान में वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी पहले मतगणना में हारी और दोबारा मतगणना के बाद भी उसे हार का सामना करना पड़ा।
इसी आधार पर उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए इसे ‘डबल इंजन की डबल हार’ बताया।
सपा प्रमुख ने बीजेपी के प्रदर्शन को ‘फ्लॉप शो’ करार देते हुए कहा कि प्रदेश के मतदाताओं ने चुनाव में अपना फैसला सुना दिया है।
शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर बीजेपी को घेरा
अखिलेश यादव ने MLC चुनाव के नतीजों को शिक्षा, शिक्षार्थियों और शिक्षकों से जुड़ी बीजेपी सरकार की नीतियों के खिलाफ जनादेश बताया।
उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे बेरोजगार स्नातकों और अपने भविष्य को लेकर चिंतित युवाओं ने भी चुनाव में अपनी राय जाहिर की है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी की नीतियों से विभिन्न सामाजिक वर्गों में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA वर्ग का जनाधार बढ़ रहा है। हालांकि, PDA के 95 प्रतिशत जनाधार का आंकड़ा उनका राजनीतिक दावा है।
वाराणसी और लखनऊ में सपा की जीत से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
इस MLC चुनाव में समाजवादी पार्टी ने वाराणसी और लखनऊ की स्नातक सीटों पर जीत हासिल की।
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वाराणसी स्नातक सीट: सपा के आशुतोष सिन्हा विजयी रहे।
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लखनऊ स्नातक सीट: सपा की कांती सिंह ने जीत दर्ज की।
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वाराणसी शिक्षक सीट: सपा उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की।
इन नतीजों के बाद अखिलेश यादव ने बीजेपी की चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन पर भी सवाल उठाए।
बीजेपी की जीत पर भी अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बीजेपी की जीती हुई कुछ सीटों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी और हेराफेरी के आरोप लगाए तथा कहा कि सपा के जिन उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र नहीं मिला, उन्हें भी पार्टी विजेता मानती है।
ये आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। चुनाव परिणामों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बीजेपी ने 11 में से 6 सीटें जीती हैं।
बीजेपी ने सपा की जीत को बताया उम्मीदवारों की व्यक्तिगत मेहनत का नतीजा
MLC चुनाव के नतीजों पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने छह सीटें जीती हैं, जबकि सपा को पांच सीटें मिली हैं।
उन्होंने सपा को नतीजों से ज्यादा उत्साहित नहीं होने की सलाह देते हुए कहा कि जीत में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत मेहनत और मतदाताओं से उनके संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में विधान परिषद चुनाव के नतीजों को बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबले के संदर्भ में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि MLC चुनाव में दिखाई गई एकजुटता और जागरूकता 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने की निर्णायक नींव बनेगी।
दूसरी ओर, बीजेपी ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के लिए इन नतीजों का राजनीतिक महत्व है। हालांकि, विधान परिषद के इन चुनावों के नतीजों से विधानसभा चुनाव का परिणाम तय नहीं माना जा सकता।