बेंगलुरु।
कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।
राज्य में 23 अक्टूबर को चार सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि जनता दल सेक्युलर (JDS) ने
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट कांग्रेस से छीन ली। इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था,
जिसके बाद जेडीएस नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा।
यह चुनाव शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा-जेडीएस गठबंधन के तालमेल तथा
कांग्रेस के समर्थन का आकलन करने के लिहाज से अहम माना जा रहा था।
बीजेपी ने कसा तंज
कर्नाटक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को मिली पराजय पर बीजेपी ने तंज कसा।
पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर की।
इसमें उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी जी, बैलेट पेपर पर भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ़!
अब दोष EVM को देंगे, बैलेट पेपर को या फिर अपने नेतृत्व को?
28 एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से हुए और कांग्रेस के खाते में एक भी सीट नहीं!
यह परिणाम कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के नैरेटिव और राहुल गांधी की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
MLC Election…
राहुल गांधी जी, बैलेट पेपर पर भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ़!
अब दोष EVM को देंगे, बैलेट पेपर को या फिर अपने नेतृत्व को?28 एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से हुए और कांग्रेस के खाते में एक भी सीट नहीं! यह परिणाम कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के नैरेटिव और राहुल गांधी की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जब ईवीएम से हारते हैं, तो ईवीएम पर सवाल उठाते हैं। बैलेट पेपर से हारते हैं, तो अब किसे कटघरे में खड़ा करेंगे? आखिर अपनी हर हार के लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराने की यह राजनीति कब तक चलेगी?
राहुल गांधी जी, चुनाव प्रणाली बदलने की मांग करने से पहले अपना नेतृत्व बदलने और अपनी राजनीतिक विफलताओं का आत्ममंथन करने का साहस दिखाइए।
@BJP4India
@PMOIndia
@NitinNabin
@INCIndia
@RahulGandhi— Ashish Usha Agarwal आशीष ऊषा अग्रवाल (@Ashish_HG) October 28, 2026
बैलेट पेपर पर चुनाव, जेडीएस ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीएस नेता एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया।
रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना के खाते में 9,902 वोट आए।
नतीजे के बाद जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार ईवीएम को दोष देने का मौका नहीं है,
क्योंकि चुनाव बैलेट पेपर से हुआ था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस से सवाल किया कि अब वह हार के लिए क्या बहाना देगी।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल पर सवाल उठाती रही है और
बैलेट पेपर से मतदान की मांग करती रही है।
हालांकि, इन चार निर्वाचन क्षेत्रों में बैलेट पेपर से मतदान चुनाव की स्थापित प्रक्रिया के तहत हुआ था।
BJP ने तीन सीटों पर दर्ज की जीत
कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के नतीजों में भाजपा ने तीन निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की।
- उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: भाजपा के शशिल जी. नमोशी ने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को हराया।
- दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: भाजपा के के.एम. सुरेश ने कांग्रेस उम्मीदवार शशि हुलिकुंते मठ को पराजित किया।
- पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: भाजपा के मौजूदा एमएलसी एस.वी. संकनूर ने कांग्रेस उम्मीदवार मोहन लिंबिकाई को हराया।
- बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: जेडीएस के एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के पुट्टन्ना को शिकस्त दी।
इस तरह विपक्षी भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा ने अपनी तीन सीटें बरकरार रखीं,
जबकि जेडीएस कांग्रेस से एक सीट छीनने में सफल रही।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम था बेंगलुरु शिक्षक सीट का नतीजा?
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पुट्टन्ना की हार को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है।
पुट्टन्ना पहले जेडीएस में थे और 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे।
इस बार जेडीएस ने एपी रंगनाथ को मैदान में उतारा और भाजपा ने उनका समर्थन किया।
रंगनाथ की जीत ने भाजपा और जेडीएस के बीच चुनावी तालमेल को भी सामने रखा।
दोनों दलों ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों के समर्थन के जरिए संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा।
क्या कर्नाटक सरकार पर पड़ेगा असर?
चारों सीटों के नतीजों से कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर तत्काल असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
विधान परिषद में सीटों के इस परिणाम को सरकार के बहुमत से अलग, विपक्षी गठबंधन की चुनावी रणनीति और
शिक्षक-स्नातक मतदाताओं के बीच समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, भाजपा और जेडीएस इन नतीजों का इस्तेमाल राज्य सरकार पर राजनीतिक हमला तेज करने के लिए कर सकते हैं।
वहीं कांग्रेस के लिए इन चुनावों के नतीजे अपने उम्मीदवारों के प्रदर्शन और
विपक्षी गठबंधन के मुकाबले अपनी रणनीति की समीक्षा करने का अवसर हैं।
2028 के विधानसभा चुनाव पर भी नजर
जेडीएस नेता और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने नतीजों को भाजपा-जेडीएस गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने इसे 2028 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी पेश किया।