क्राइस्टचर्च।
भाई, बच गए! सच में, राम-राम करते जीत मिली।
मैच देख रहे कई भारतीय फैंस ने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी।
कुछ ने गुस्से में टीवी बंद कर दिया। कुछ मोबाइल पर मैच देखते हुए सिर झुकाकर बैठ गए।
लगा कि अब कुछ नहीं हो सकता।
भारत को 31 गेंदों में 69 रन चाहिए थे। 6 विकेट गिर चुके थे।
सामने न्यूजीलैंड की टीम थी। उसके गेंदबाज हावी थे।
भारतीय बल्लेबाज लगातार विकेट गंवा रहे थे।
लेकिन क्रीज पर तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी थे।
दोनों ने शायद हार मानने से इनकार कर दिया था।
फिर जो हुआ, उसने मैच का पूरा माहौल बदल दिया।
आखिरी 13 गेंदों में 29 रन बने। भारत ने चार विकेट से मुकाबला जीत लिया।
सीरीज में 2-0 की बढ़त भी बना ली।
जिन लोगों ने टीवी बंद कर दिया था, उन्हें बाद में पता चला कि टीम इंडिया जीत गई!
19वें ओवर में तिलक का तूफान, न्यूजीलैंड हैरान
18 ओवर पूरे हुए तो भारत का स्कोर 152 रन था।
6 विकेट गिर चुके थे।
जीत के लिए आखिरी 12 गेंदों में 29 रन चाहिए थे।
गेंदबाजी करने आए नाथन स्मिथ। सामने थे तिलक वर्मा।
तिलक ने पहली गेंद पर चौका जड़ दिया। दूसरी गेंद पर भी चौका मिल गया।
तीसरी गेंद पर वह चूक गए। लेकिन चौथी गेंद को फिर सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया।
पांचवीं गेंद पर रन नहीं मिला। अब आखिरी गेंद बची थी। तिलक ने जोरदार छक्का जड़ दिया।
एक ओवर में 18 रन आ गए।
स्टेडियम में भारतीय समर्थक झूम उठे।
डगआउट में बैठे खिलाड़ियों के चेहरे भी खिल गए।
अब भारत को आखिरी ओवर में 11 रन चाहिए थे।
मैच फिर से रोमांचक हो चुका था।

आखिरी ओवर में धड़कनें तेज, स्ट्राइक पर नीतीश
न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी गेंद लेकर आए। स्ट्राइक पर नीतीश रेड्डी थे।
पहली गेंद पर नीतीश ने एक रन लिया। अब तिलक वर्मा स्ट्राइक पर आ गए।
तिलक ने दूसरी गेंद पर चौका जड़ दिया। तीसरी गेंद पर दो रन दौड़कर पूरे किए।
इसी के साथ उन्होंने अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया।
चौथी गेंद पर तिलक एक रन लेकर वापस लौटे।
अब जिम्मेदारी फिर नीतीश के कंधों पर थी।
अगली गेंद वाइड हो गई। भारत को एक अतिरिक्त रन मिला। गेंद भी दोबारा डालनी थी।
अब जीत के लिए दो रन चाहिए थे।
नीतीश ने गेंद को खेला और दोनों बल्लेबाजों ने दौड़कर दो रन पूरे कर लिए।
भारत जीत गया! वह भी एक गेंद बाकी रहते।
नीतीश ने अपनी मुट्ठी भींचकर जीत का जश्न मनाया।
भारतीय डगआउट में खुशी की लहर दौड़ गई। न्यूजीलैंड के खिलाड़ी निराश दिखे।
तिलक-नीतीश ने बचा ली लाज

एक समय भारत की हार लगभग तय मानी जा रही थी।
लेकिन तिलक और नीतीश ने आखिरी समय में मैच पलट दिया।
तिलक वर्मा ने 26 गेंदों में 51 रन बनाए।
उनकी पारी में चौके-छक्कों की बरसात हुई।
नीतीश रेड्डी ने 13 गेंदों में 26 रन बनाए।
उन्होंने दबाव में संयम दिखाया और जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
दोनों ने मिलकर मुश्किल लक्ष्य को आसान नहीं होने दिया।
आखिरी ओवर तक मुकाबला खींचा और फिर भारत की झोली में जीत डाल दी।
सीरीज में भारत 2-0 से आगे

न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है।
यह जीत सिर्फ स्कोरबोर्ड पर दर्ज दो अंकों जैसी नहीं थी।
इसने दिखाया कि दबाव में भी भारतीय टीम मुकाबले में वापसी कर सकती है।
मैच का संदेश साफ है—जब तक आखिरी गेंद न हो जाए, उम्मीद मत छोड़िए।
और जिन भाई साहब ने गुस्से में टीवी बंद कर दिया था, उनके लिए एक ही बात—
अगली बार मैच पूरा देखकर ही उठना!
टीम इंडिया कब पलटवार कर दे, कोई नहीं जानता।
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