दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, 1 नवंबर से गाड़ियों और निर्माण पर सख्ती; जानें क्या-क्या बदलेगा

दिल्ली-NCR में AQI 244 पहुंचने के बाद GRAP-1 लागू हो गया है। 1 नवंबर से बिना वैध PUC वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने, कुछ बाहरी वाहनों पर रोक और निर्माण गतिविधियों पर पाबंदियों की योजना है।

सर्दियों की शुरुआत से पहले दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर 2026 से पूरे NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कई अतिरिक्त कदमों की घोषणा की है। इनमें बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों को ईंधन न देना, कुछ बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक, पार्किंग शुल्क बढ़ाना और निर्माण गतिविधियों पर पाबंदियां शामिल हैं। हालांकि, सभी उपाय एक ही दिन से लागू नहीं होंगे।

दिल्ली का AQI कितना पहुंचा?

CAQM के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 179 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 244 पर पहुंच गया और हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों में आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता खराब रहने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद पूरे NCR में GRAP-1 के उपाय तत्काल प्रभाव से लागू किए गए।

AQI के आधार पर GRAP के अलग-अलग चरण लागू होते हैं। पहले चरण में प्रदूषण को और बढ़ने से रोकने के लिए मौजूदा नियमों को सख्ती से लागू किया जाता है। यदि हवा की गुणवत्ता और बिगड़ती है, तो दूसरे और उसके बाद के चरणों के तहत अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।

GRAP-1 लागू होने के बाद क्या-क्या पाबंदियां हैं?

GRAP-1 के तहत प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को कई मोर्चों पर कार्रवाई करनी है।

  • सड़कों की धूल पर नियंत्रण: सड़कों की नियमित मैकेनिकल सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा। निर्माण स्थलों के आसपास धूल कम करने के उपायों की निगरानी होगी।
  • निर्माण स्थलों पर सख्ती: निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे को ढककर रखने, उसे ढके हुए वाहनों में ले जाने और धूल नियंत्रण के नियमों का पालन कराने के निर्देश हैं।
  • कचरा जलाने पर रोक: खुले में कचरा और बायोमास जलाने के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • होटल-रेस्तरां के तंदूर: होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी के ईंधन के इस्तेमाल पर रोक लागू है। स्वीकृत स्वच्छ ईंधन के विकल्प अपनाने होंगे।
  • डीजल जनरेटर: डीजल जनरेटर सेट के इस्तेमाल पर लागू उत्सर्जन नियमों और निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी है।
  • वाहनों की जांच: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र और ज्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
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GRAP-1 लागू होने का मतलब यह नहीं है कि दिल्ली में सभी निजी वाहनों या सभी निर्माण गतिविधियों पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लग गया है।

1 नवंबर से बिना PUC वाले वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली सरकार की शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत 1 नवंबर 2026 से ‘No PUCC, No Fuel’ नियम लागू करने की घोषणा की गई है। इसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन देने से रोका जाएगा।

वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के लिए पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करने की योजना है। ऐसे में वाहन चालकों को अपने PUC प्रमाणपत्र की वैधता जांच लेनी चाहिए और समय पर उसका नवीनीकरण कराना चाहिए।

दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड कुछ गाड़ियों की एंट्री पर भी रोक

सरकार की घोषित योजना के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसे वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी जो BS-VI उत्सर्जन मानक के अनुरूप नहीं हैं। इस प्रतिबंध में CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट देने की बात कही गई है।

यह पाबंदी सभी बाहरी वाहनों पर एक समान प्रतिबंध नहीं है। इसका संबंध वाहन के रजिस्ट्रेशन और उत्सर्जन मानक से है। दिल्ली आने की योजना बना रहे लोगों को यात्रा से पहले अपने वाहन की श्रेणी और लागू छूट की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

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पार्किंग महंगी, ऑफिस के समय और वर्क फ्रॉम होम में बदलाव

प्रदूषण नियंत्रण योजना में निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने और ऑफिस आने-जाने के समय में बदलाव जैसे उपाय भी शामिल हैं।

सरकार ने अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करने की घोषणा की है। मेट्रो पार्किंग को इस बढ़ोतरी से छूट दी गई है। इसके अलावा, सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम और अलग-अलग समय पर कार्यालय चलाने की व्यवस्था की घोषणा की गई है, ताकि व्यस्त समय में सड़क पर वाहनों का दबाव घटाया जा सके। इन उपायों का लागू होना संबंधित सरकारी निर्देशों और कार्यालयों की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

निर्माण कार्यों पर कब से लगेगी रोक?

निर्माण से उठने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने अलग समयसीमा घोषित की है। योजना के मुताबिक, धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और खुले में होने वाली सिविल निर्माण गतिविधियों पर 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंध रहेगा। इसके बाद 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की गई है।

इन तारीखों को मौजूदा GRAP-1 के नियमों से अलग समझना जरूरी है। फिलहाल GRAP-1 के तहत निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराना जरूरी है, जबकि घोषित व्यापक निर्माण प्रतिबंध निर्धारित तारीखों पर लागू होंगे।

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दिल्ली मेट्रो चलाएगी अतिरिक्त ट्रेनें

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 22 अक्टूबर से सप्ताह के कामकाजी दिनों में 20 अतिरिक्त ट्रेन यात्राएं चलाने की घोषणा की है। मेट्रो अपने निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों पर धूल नियंत्रण के उपाय भी बढ़ाएगी।

इसका उद्देश्य यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रशासन ने लोगों से कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करने की अपील भी की है।

दिल्ली-NCR के लोगों को क्या करना चाहिए?

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वाहन चालकों को PUC प्रमाणपत्र की वैधता जांचनी चाहिए, ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद रखना चाहिए और अनावश्यक वाहन यात्रा से बचना चाहिए। जहां संभव हो, मेट्रो, बस या साझा वाहन का उपयोग करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

लोगों को कचरा या पत्तियां खुले में नहीं जलानी चाहिए और निर्माण सामग्री या मलबे को खुले में छोड़ने से बचना चाहिए। हवा की गुणवत्ता और GRAP के लागू चरण की जानकारी CAQM तथा आधिकारिक AQI अपडेट के माध्यम से लेते रहना उपयोगी होगा।