नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। भारत में स्मार्टफोन की कीमतों पर एक बार फिर बढ़ोतरी का दबाव बन रहा है। इसकी बड़ी वजह RAM और स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत है। AI डेटा सेंटर की मांग बढ़ने से चिप बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन क्षमता पर दबाव पड़ रहा है, जिसका असर मोबाइल कंपनियों की लागत और ग्राहकों की जेब पर दिख सकता है।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Samsung और Apple जैसी बड़ी कंपनियों के साथ Oppo, Vivo और Nothing जैसे ब्रांड्स के फोन भी कीमतों में बढ़ोतरी के दबाव का सामना कर रहे हैं। इसका असर खासतौर पर कम कीमत वाले स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है।
स्मार्टफोन महंगे होने की 5 बड़ी वजहें
1. AI डेटा सेंटर बढ़ा रहे मेमोरी चिप्स की मांग
दुनियाभर में AI तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। AI मॉडल को ट्रेन और ऑपरेट करने के लिए बड़े डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) की जरूरत होती है। चिप निर्माता इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा AI से जुड़ी मेमोरी की ओर लगा रहे हैं। इससे सामान्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी की सप्लाई पर भी दबाव पड़ रहा है।
2. RAM और स्टोरेज की लागत में उछाल
स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली DRAM और NAND फ्लैश मेमोरी की कीमतें बढ़ने से फोन बनाने की लागत भी बढ़ रही है। इसका असर केवल महंगे फोन पर नहीं, बल्कि बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन पर भी पड़ रहा है। कंपनियों के सामने बढ़ी हुई लागत को खुद वहन करने या उसका कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का विकल्प है।
3. 15,000 रुपये से कम वाले फोन पर ज्यादा असर
एंट्री-लेवल स्मार्टफोन बाजार में कंपनियों के पास मुनाफे की गुंजाइश सीमित होती है। ऐसे में मेमोरी की कीमत बढ़ने पर कंपनियां फोन महंगे कर सकती हैं, डिस्काउंट कम कर सकती हैं या कम RAM और स्टोरेज वाले वेरिएंट पेश कर सकती हैं।
इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जो सीमित बजट में बेहतर फीचर्स वाला फोन खरीदना चाहते हैं।
4. त्योहारी सीजन में भी ग्राहकों को राहत मिलना मुश्किल
त्योहारी सीजन में आमतौर पर स्मार्टफोन पर आकर्षक छूट मिलती है, लेकिन बढ़ती उत्पादन लागत से ऑफर्स पर असर पड़ सकता है। Counterpoint Research के अनुमानों के मुताबिक, भारत में त्योहारी सीजन के दौरान स्मार्टफोन की बिक्री की मात्रा में 12% गिरावट आ सकती है, जबकि बाजार की कुल वैल्यू में 5% वृद्धि का अनुमान है। यानी कम फोन बिकने के बावजूद कुल बिक्री मूल्य बढ़ सकता है।
5. कीमतों पर दबाव आगे भी बना रह सकता है
मेमोरी की सप्लाई और मांग के बीच अंतर जल्द खत्म नहीं होने की आशंका है। India Today की 1 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, Micron को उम्मीद है कि 2027 और 2028 तक भी मेमोरी की मांग सप्लाई से ज्यादा रह सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्मार्टफोन की कीमत निश्चित रूप से बढ़ेगी। कीमतों में बदलाव ब्रांड, मॉडल और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
स्मार्टफोन खरीदते समय पैसे कैसे बचाएं?
1. पिछले साल के प्रीमियम फोन पर विचार करें
पुराने फ्लैगशिप मॉडल में अच्छा प्रोसेसर, बेहतर कैमरा और मजबूत बिल्ड क्वालिटी मिल सकती है। खरीदने से पहले उसकी मौजूदा कीमत और अपडेट सपोर्ट जांचें।
2. AM और स्टोरेज के साथ प्रोसेसर भी देखें
केवल 8GB RAM या 256GB स्टोरेज देखकर फोन न खरीदें। प्रोसेसर, बैटरी, डिस्प्ले और रोजमर्रा के इस्तेमाल की जरूरतों को भी महत्व दें।
3. अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कीमत की तुलना करें
बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और वास्तविक बिक्री मूल्य की तुलना करें। केवल बड़ी छूट के दावे पर भरोसा न करें।
4. जरूरत के हिसाब से फीचर्स चुनें
अगर आप AI फीचर्स का नियमित इस्तेमाल नहीं करते, तो केवल उनके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने से बचें। लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट, अच्छी बैटरी और भरोसेमंद परफॉर्मेंस को प्राथमिकता दें।