‘जय जोहार’ पर विवाद: भोपाल में Police Inspector सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू

भोपाल में आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान ‘जय जोहार’ को लेकर विवाद हुआ। मिसरोद Inspector रतन सिंह परिहार सस्पेंड, विभागीय जांच के आदेश।

भोपाल।

आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान ‘जय जोहार’ के उद्घोष को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

भोपाल के मिसरोद थाना निरीक्षक रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया गया है।

उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

घटना के वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इसका संज्ञान लिया है।

राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि जांच में अन्य लोग दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

प्रदर्शन के दौरान बिगड़ा माहौल

(थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार)

मामला मंगलवार, 13 अक्टूबर को भोपाल के मिसरोद इलाके का है।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्टूडेंट विंग ने छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था।

इसी दौरान ‘जय जोहार’ के उद्घोष को लेकर निरीक्षक  रतन सिंह परिहार की प्रतिक्रिया पर विवाद हुआ।

सामने आए वीडियो में वे छात्रों से अभद्र भाषा में बात करते सुनाई देते हैं।

वीडियो में उन्हें ‘यहीं कूट दूंगा’ कहते हुए भी सुना जा सकता है।

वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी विधायकों और विभिन्न संगठनों ने कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद पुलिस विभाग ने निरीक्षक को निलंबित कर जांच शुरू करने का आदेश दिया।

उमंग सिंघार ने उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि ‘जोहार’ आदिवासी संस्कृति, पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक है।

सिंघार के मुताबिक, यह अभिवादन प्रेम, सम्मान और भाईचारे का संदेश देता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि अपने सांस्कृतिक अभिवादन का इस्तेमाल करने वाले

छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया।

उन्होंने मुख्यमंत्री से पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

साथ ही, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने घटना को दुखद बताया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लिया है।

पटेल ने कहा कि ‘जय जोहार’ आदिवासी समाज का सम्माननीय उद्घोष है।

 निरीक्षक  को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

जांच में दूसरे लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

जयस ने एट्रोसिटी एक्ट में FIR की मांग की

जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा(Photo) ने थाना प्रभारी के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट

के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

उन्होंने सेवा समाप्त करने की मांग भी उठाई।

अलावा के अनुसार, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

उन्होंने विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग भी रखी है।

जयस ने इस मुद्दे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

See also  MP police:चंबल जोन एडीजी राजेश चावला पदोन्नत,बने पुलिस महानिदेशक