राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, PM मोदी पर टिप्पणी के मानहानि केस में ट्रायल पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत देते हुए महाराष्ट्र की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। अदालत ने शिकायतकर्ता और महाराष्ट्र सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी थी। मामले में अंतिम फैसला अभी बाकी है।

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। साथ ही, अदालत ने शिकायतकर्ता और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने की। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने अदालत के सामने दलील दी कि इस मामले में उठाए गए कानूनी सवालों पर पहले भी शीर्ष अदालत विचार कर चुकी है। इसके बाद पीठ ने नोटिस जारी करते हुए निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया। हालांकि, यह रोक मामले को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर आगे सुनवाई होनी बाकी है।

क्या है राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला?

यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, राहुल गांधी ने सितंबर 2018 में राजस्थान में एक सार्वजनिक सभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की थी। यह विवाद राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राजनीतिक बहस के दौरान सामने आया था।

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शिकायतकर्ता महेश एच. श्रीश्रीमल, जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं, ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के सदस्यों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। शिकायत में कथित तौर पर प्रधानमंत्री के लिए ‘चोरों के सरदार’ और ‘कमांडर-इन-थीफ’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को आधार बनाया गया।

गिरगांव की मजिस्ट्रेट अदालत ने 28 अगस्त 2019 को शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। इसके बाद मामले में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ी।

बॉम्बे हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत

राहुल गांधी ने मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने आपराधिक मानहानि की कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, 8 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी और मामले में जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था।

इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। शीर्ष अदालत में उनकी ओर से दलीलें रखे जाने के बाद पीठ ने शिकायतकर्ता और महाराष्ट्र सरकार से जवाब तलब किया और निचली अदालत में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र की निचली अदालत में इस मामले की सुनवाई फिलहाल रुकी रहेगी। शिकायतकर्ता और राज्य सरकार को चार सप्ताह में अपना पक्ष रखना है। इसके बाद शीर्ष अदालत मामले में आगे की सुनवाई करेगी।

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यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल केवल निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई है। राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत को अंतिम रूप से खारिज किए जाने का फैसला अभी नहीं हुआ है। मामले का अगला चरण सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब पर निर्भर करेगा।